महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे को ‘देशभक्त’ बताने संबंधी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बयान का मसला शांत नहीं हो रहा है. अब प्रज्ञा के बयान पर नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा है, ‘गोडसे ने गांधी के शरीर की हत्या की थी. लेकिन प्रज्ञा जैसे लोग उनकी आत्मा की हत्या के साथ, अहिंसा, शांति, सहिष्णुता और भारत की आत्मा की हत्या कर रहे हैं.’

हिंदी में लिखे मैसेज में कैलाश सत्यार्थी ने कहा है, ‘गांधी हर सत्ता और राजनीति से ऊपर हैं. भाजपा नेतृत्व छोटे से फ़ायदे का मोह छोड़ कर उन्हें (प्रज्ञा को) तत्काल पार्टी से निकाल कर राजधर्म निभाए.’ ग़ौरतलब है कि नाथूराम गोडसे पर बयानबाज़ी की शुरूआत अभिनेता से नेता बने कमल हासन ने की थी. उन्होंने तमिलनाडु में एक चुनावी सभा के दौरान गोडसे को ‘आज़ाद भारत का पहला आतंकी’ बताया था.

इसके ज़वाब में मध्य प्रदेश की भोपाल संसदीय सीट भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा था, ‘नाथूराम गाेडसे देशभक्त थे, देशभक्त हैं और देशभक्त रहेंगे.’ इसके बाद कर्नाटक भाजपा के दो अन्य नेताओं ने भी गोडसे के समर्थन में बयान दिए. हालांकि बाद में तीनों नेताओं ने अपने बयान वापस ले लिए. इसके लिए माफ़ी भी मांग ली. लेकिन भाजपा ने इन तीनों को अनुशासनहीनता का नोटिस थमा दिया है.

Kailash Satyarthi@k_satyarthi

गोडसे ने गांधी के शरीर की हत्या की थी, परंतु प्रज्ञा जैसे लोग उनकी आत्मा की हत्या के साथ, अहिंसा,शांति, सहिष्णुता और भारत की आत्मा की हत्या कर रहे हैं।गांधी हर सत्ता और राजनीति से ऊपर हैं।भाजपा नेतृत्व छोटे से फ़ायदे का मोह छोड़ कर उन्हें तत्काल पार्टी से निकाल कर राजधर्म निभाए।

4,9939:55 AM - May 18, 2019 · New Delhi, IndiaTwitter Ads info and privacy

दूसरी तरफ विपक्ष के तमाम नेता प्रज्ञा ठाकुर के बयान को मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं. भोपाल सीट से ही कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय सिंह ने प्रज्ञा के बयान को ‘देशद्रोह जैसा’ क़रार दिया है. तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और महिंद्रा समूह के प्रमुख आनंद महिंद्रा ने भी प्रज्ञा के बयान की आलोचना की है.