हाल ही में ब्रिटेन में चाकू से हमले के बढ़ते अपराधों से निपटने के लिए लाए गए एक नए विधयेक को वहां की संसद से मंजूरी मिली थी. अब इसे महारानी एलिजाबेथ द्वितीय से भी हरी झंडी मिल गई है. यानी अब यह विधेयक कानून बन गया है. पीटीआई के मुताबिक इस विधेयक (ऑफेंसिव वीपंस बिल) में पिछले साल के अंत में संशोधन किया गया था, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह कृपाण या धार्मिक तलवार रखने और उसकी आपूर्ति करने के ब्रिटिश सिख समुदाय के अधिकारों को प्रभावित नहीं करेगा.

इस कानून के बारे में ब्रिटिश गृह विभाग के प्रवक्ता ने बताया है, ‘कृपाण के मुद्दे पर हमने सिख समुदाय के साथ करीबी रूप से बातचीत की. नतीजतन हमने विधेयक में संशोधन किया ताकि यह सुनश्चित हो सके कि धार्मिक उद्देश्यों के लिए बड़े कृपाणों की आपूर्ति और उन्हें साथ रखने की परंपरा जारी रह सके.’

इससे पहले ब्रिटिश सिखों के सर्वदलीय संसदीय समूह ने भी देश के गृह विभाग के साथ इस मसले पर बातचीत की थी. इस समूह के प्रमुख एवं लेबर सांसद प्रीत कौर गिल ने कहा है, ‘मैं सरकार के संशोधन को देख कर खुश हूं...’

यहनया कानून बड़े कृपाणों की बिक्री, उन्हें साथ रखने और उनके इस्तेमाल के कानूनी अधिकार को जारी रखने की यथास्थिति कायम रखेगा. बड़े कृपाण (50 सेंटीमीटर से अधिक लंबे ब्लेड वाले) का इस्तेमाल सिख समुदाय के लोग गुरूद्वारों के समारोहों में और पारंपरिक सिख गतका मार्शल आर्ट के दौरान करते हैं.