रक्षा मंत्रालय ने वाइस एडमिरल करमबीर सिंह को नौसेना प्रमुख (नेवी चीफ) नियुक्त किए जाने को लेकर वाइस एडमिरल बिमल वर्मा द्वारा दाखिल आपत्ति खारिज कर दी है. दस अप्रैल को बिमल वर्मा ने इस मामले में यह दलील देते हुए आपत्ति दर्ज करवाई थी कि वे नौसेना के सबसे वरिष्ठ अधिकारी हैं और इसलिए उन्हें ही नेवी चीफ नियुक्त किया जाना चाहिए.

बिमल वर्मा की आपत्ति खारिज करते हुए रक्षा मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि सेना प्रमुखों की नियुक्ति में वरिष्ठता ही अकेला पैमाना नहीं होता. यह आदेश रक्षा मंत्रालय की संयुक्त सचिव (नेवी) ऋचा मिश्रा ने जारी किया है. इसमें यह भी कहा गया है कि बिमल वर्मा इस नियुक्ति के मानदंडों के हिसाब से अयोग्य थे. इससे पहले 25 अप्रैल को सशस्त्र बल ट्राइब्यूनल ने इसी मसले पर वर्मा की याचिका पर रक्षा मंत्रालय को फैसला करने के लिए तीन हफ्ते का समय दिया था.

वाइस एडमिरल वर्मा, पूर्वी नेवी कमांड प्रमुख वाइस एडमिरल करमबीर सिंह से छह महीने वरिष्ठ हैं. वे नौसेना के शीर्ष पद के दावेदारों में शामिल थे. लेकिन उनकी जगह सिंह को नौसेना प्रमुख बना दिया गया. वर्तमान नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा 31 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं.

इससे पहले 2016 में थल सेना प्रमुख नियुक्त करते समय भी सरकार ने वरिष्ठता के साथ जाने की पुरानी परंपरा का पालन नहीं किया था. उस समय सेना के दो सबसे वरिष्ठ अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल प्रवीण बक्शी और लेफ्टिनेंट जनरल पीएम हारिज को नजरअंदाज करते हुए जनरल बिपिन रावत सेना प्रमुख नियुक्त किए गए थे. हालांकि वाइस एडमिरल बिमल वर्मा के उलट सरकार के इस कदम के खिलाफ दोनों वरिष्ठ अधिकारी अदालत नहीं गए थे.