ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ ने अमेरिका के साथ युद्ध की संभावना को खारिज करते हुए कहा है कि उनका देश युद्ध नहीं चाहता. मोहम्मद जवाद जरीफ ने अपनी चीन यात्रा की समाप्ति के मौके पर ईरान की सरकारी एजेंसी इरना के साथ बातचीत में यह बात कही है. इस दौरान जरीफ का कहना था, ‘हमें यकीन है...कोई युद्ध नहीं होगा क्योंकि न तो हम युद्ध चाहते हैं और न ही कोई भी इस मुगालते में है कि वह इस क्षेत्र में ईरान से लड़ सकता है.’

इसी महीने की शुरुआत में अमेरिका ने फारस की खाड़ी में अपने एक जंगी जहाज को तैनात किया है. इस पर बी-52 लड़ाकू विमान भी मौजूद हैं. इस खबर के हवाले से कहा जा रहा है कि अगर तनाव बढ़ा तो यह अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध में भी तब्दील हो सकता है.

ईरान के विदेश मंत्री ने यह भी कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप युद्ध नहीं चाहते, लेकिन उनके आसपास के लोग ईरान के खिलाफ अमेरिका को मजबूत बनाने के बहाने उन्हें युद्ध के लिए उकसा रहे हैं.

बीते साल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साल 2015 में हुए अंतरराष्ट्रीय ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका के हटने का फैसला किया था. इसके बाद से ही तेहरान और वॉशिंगटन के बीच तनाव बढ़ा हुआ है. इसके अलावा बीते अप्रैल में अमेरिका ने एक और बड़ा फैसला लेते हुए ईरानी सेना (रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स) को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया था.

वहीं, ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने शनिवार को कहा कि फिलहाल उनके देश का अमेरिका के साथ ‘पूर्ण स्तर का खुफिया युद्ध’ चल रहा है. ईरानी सैन्य अधिकारी हुसैन सलामी के मुताबिक, ‘इस समय मनोवैज्ञानिक युद्ध, साइबर अभियान, सैन्य हलचल, सार्वजनिक कूटनीति और डर पैदा करने जैसी मिश्रित परिस्थिति है.’