‘भाजपा के लोग इंदिरा गांधी की तरह मेरे ही पीएसओ से मुझे खत्म करा सकते हैं.’  

— अरविंद केजरीवाल, दिल्ली के मुख्यमंत्री

अरविंद केजरीवाल ने यह बात एक इंटरव्यू के दौरान कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘मैं अकेला ऐसा मुख्यमंत्री हूं जिसकी सुरक्षा मेरे अपने हा​थ में नहीं है. मेरे आगे-पीछे जितने भी पुलिस वाले चलते हैं, सब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को रिपोर्ट करते हैं. यहां तक कि मेरा पीएसओ (अंगरक्षक) भी ऐसा ही करता है.’ इसके साथ ही अरविंद केजरीवाल ने यह भी कहा, ‘दिल्ली का मुख्यमंत्री रहते हुए मुझ पर पांच हमले हो चुके हैं. मुझ पर हमला करने वालों को भाजपा के लोग मेरी ही पार्टी के नाराज कार्यकर्ता बताते हैं.’

‘चुनाव आयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों की कठपुतली बन गया है.’  

— रणदीप सिंह सुरजेवाला, कांग्रेस के प्रवक्ता

रणदीप सिंह सुरजेवाला ने यह बात चुनाव आयुक्त अशोक लवासा के समर्थन में कही है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘इस लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन की 11 शिकायतें दी थीं. लेकिन उन सब को कूड़ेदान में डाल दिया गया.’ उन्होंने आगे कहा, ‘जब चुनाव आयोग नरेंद्र मोदी और अमित शाह को क्लीन चिट देने में व्यस्त था तो उस दौरान अशोक लवासा ने कई मौकों पर अपना विरोध दर्ज कराया था.’


‘चुनाव आयोग के तीन आयुक्त एक-दूसरे के क्लोन (नकल) हों ऐसी उम्मीद नहीं की जा सकती.’  

— सुनील अरोड़ा, मुख्य चुनाव आयुक्त

सुनील अरोड़ा का यह बयान चुनाव आयुक्तों के बीच अंदरूनी मतभेद को लेकर मीडिया में आई खबरों पर आया. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘इन खबरों को टाला जा सकता था. क्योंकि इससे पहले भी कई मामलों को लेकर आयुक्तों के आपसी विचार अलग-अलग रहे थे.’ सुनील अरोड़ा ने यह भी कहा कि आज चुनाव आयोग आखिरी चरण की वोटिंग और वोटों की गिनती की तैयारियों में जुटा है. ऐसे में इस ‘विवाद’ से ‘खामोशी’ बेहतर रहती.


‘साल 2019 की कांग्रेस, 2014 से अलग है क्योंकि आज क्षेत्रीय नेताओं को ज्यादा तवज्जो दी जा रही है.’  

— कैप्टन अमरिंदर सिंह, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पंजाब के मुख्यमंत्री

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने यह बात एक इंटरव्यू में कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘संगठन के तौर पर हमारे कामकाज के तरीके में स्पष्ट बदलाव आया है. आज पार्टी में कहीं ज्यादा पारदर्शिता और लोकतंत्र है.’ इस मौके पर उन्होंने पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की भी तारीफ की. साथ ही कहा, ‘उनके नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं का विश्वास बढ़ा है. पूर्व में पार्टी बचाव की मुद्रा में रहती थी लेकिन अब इसने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है.’


‘नाथूराम गोडसे ने गांधी के शरीर की हत्या की थी, प्रज्ञा ठाकुर ने उनकी आत्मा को मार दिया.’  

— कैलाश सत्यार्थी, नोबेल पुरस्कार विजेता समाजसेवी

कैलाश सत्यार्थी ने यह बात एक ट्वीट के जरिये कही. इसी ट्वीट के में उन्होंने महात्मा गांधी को हर ‘सत्ता और राजनीति’ से ऊपर बताया. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘भाजपा नेतृत्व को छोटे लाभ का मोह त्यागकर उन्हें (प्रज्ञा ठाकुर) को फौरन पार्टी से निकालकर राजधर्म निभाना चाहिए.’ इससे पहले प्रज्ञा ठाकुर ने एक प्रतिक्रिया देते हुए महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताया था.