राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि पुराने समय की जौहर प्रथा गौरव का विषय है. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि जौहर इतिहास में हमारे गौरव और बलिदान का विषय रहा है. अशोक गहलोत ने महाराणा प्रताप को भी बलिदान और साहस का प्रतीक बताया.

अशोक गहलोत की यह टिप्पणी राजस्थान में कांग्रेस सरकार के आने के बाद स्कूलों के पाठ्यक्रम में बदलाव पर उठे विवाद के बाद आई है. राजस्थान सरकार ने आठवीं कक्षा की अंग्रेजी की पुस्तक में जौहर की एक प्रतीकात्मक तस्वीर को हटाकर उसकी जगह एक किले की तस्वीर लगायी गयी है. इसके साथ ही दसवीं कक्षा के सामाजिक विज्ञान के पाठ्यक्रम में विनायक दामोदर सावरकर के नाम के आगे से वीर संबोधन हटाया गया है. भाजपा ने सावरकर के नाम के आगे से वीर संबोधन हटाये जाने समेत पाठ्यक्रम में कई बदलावों का विरोध किया है. कांग्रेस के भी कुछ नेताओं ने इन बदलावों का विरोध किया है.