आख़िरकार उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल से बाग़ी तेवरों वाले मंत्री ओमप्रकाश राजभर को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. लगातार भाजपा और उसकी योगी आदित्यनाथ सरकार के ख़िलाफ़ बयानबाज़ी करने वाले एसबीएसपी (सुहैलदेव भारतीय समाज पार्टी) के प्रमुख राजभर के बारे में काफ़ी समय से इस तरह की अटकलें थीं.

ख़बरों के मुताबिक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ओमप्रकाश राजभर को मंत्रिमंडल से बर्ख़ास्त करने का पत्र राज्यपाल राम नाईक को भेजा है. मुख्यमंत्री के इस आग्रह को राज्यपाल ने स्वीकार भी कर लिया है. राजभर राज्य सरकार में दिव्यांगजन सशक्तिकरण और पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री थे. उनसे तत्काल प्रभाव से ये प्रभार वापस ले लिए गए हैं.

ग़ौरतलब है कि भाजपा ने एसबीएसपी के साथ राज्य विधानसभा चुनाव से ठीक पहले गठबंधन किया था. पिछड़े वर्गों को साधने के लिए इस समुदाय में अच्छी पकड़ रखने वाले राजभर के साथ भाजपा ने लोक सभा चुनाव के आख़िरी चरण का मतदान पूरा होने तक गठबंधन चलाया भी. बावज़ूद इसके कि वे पार्टी और सरकार के ख़िलाफ़ लगातार बयानबाज़ी करते रहे.

ख़बरों की मानें तो भाजपा ने लोक सभा चुनाव के दौरान राजभर के साथ गठबंधन बनाए रखने की कोशिश की थी. उन्हें प्रस्ताव दिया था कि वे घोसी लोक सभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ें. लेकिन उन्होंने यह पेशकश ठुकरा दी. राज्य की 22 सीटों पर अपनी पार्टी के प्रत्याशी घोषित कर दिए. साथ ही बीती 13 अप्रैल को राज्य मंत्रिमंडल से अपने इस्तीफ़े की भी घोषणा कर दी थी.