अभी सिर्फ़ लोक सभा चुनाव के एक्ज़िट पोल के अनुमान ही आए हैं. चुनाव नतीज़े आने में वक़्त है. लेकिन मध्य प्रदेश में सियासी हलचल बढ़ गई है. ख़बरों के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को पत्र लिख भेजा है. इसमें दावा किया है कि प्रदेश की कमलनाथ सरकार के पास बहुमत नहीं है. लिहाज़ा उसे सदन में बहुमत साबित करने का निर्देश दिया जाए.

भाजपा ने अपने पत्र में राज्यपाल से अनुरोध किया है कि जल्द से जल्द राज्य विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाए. विधानसभा में नेता विपक्ष गोपाल भार्गव ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, ‘बहुत से मसले हैं जिनको देखते हुए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की ज़रूरत है. सरकार तो अपने आप ही गिर जाएगी. मैं विधायकों की ख़रीद-फ़रोख़्त में यक़ीन नहीं करता. लेकिन मुझे ऐसा महसूस होता है कि अब इस सरकार के जाने का वक़्त आ गया है.’

ग़ौरतलब है कि राज्य सरकार का नेतृत्व कर रही कांग्रेस के पास विधानसभा में 114 सदस्य हैं. जबकि बहुमत के लिए 116 सदस्याें के समर्थन की ज़रूरत है. कांग्रेस को समाजवादी पार्टी के एक, बहुजन समाज पार्टी के दो और चार निर्दलीयों का समर्थन मिला है. इस तरह 121 सदस्यों के समर्थन के साथ सरकार चल रही है. वहीं भाजपा का दावा है कि कांग्रेस के भीतर और उसे समर्थन देने वाले अन्य विधायकों में भी असंतोष बढ़ रहा है. वे सरकार से समर्थन वापस लेने को तैयार हैं.