पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ ने ज़मानत हासिल करने के लिए फिर अदालत का दरवाज़ा खटखटाया है. उन्होंने ज़मानत मंज़ूर किए जाने के लिए अपने बिगड़ते स्वास्थ्य को आधार बनाया है.

ख़बरों के मुताबिक इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में नवाज़ शरीफ ने याचिका दायर की है. पाकिस्तानी अख़बार- एक्सप्रेस टिब्यून की ख़बर की मानें तो उच्च न्यायालय में शरीफ के वकील ख्वाजा हैरिस ने याचिका के साथ स्विट्ज़रलैंड, अमेरिका और ब्रिटेन के विशेषज्ञों और डॉक्टरों की राय को नत्थी किया है. इसमें बताया है, ‘नवाज़ कई बीमारियों से ग्रस्त हैं. डॉक्टरों ने कहा है कि तनाव उनके जीवन के लिए ख़तरा साबित हो सकता है. उनका रक्तचाप और शर्करा (ब्लड प्रेशर और शुगर) का स्तर भी सामान्य नहीं है. जेल परिसरों में उनका इलाज़ संभव नहीं है. लिहाज़ा उन्हें ज़मानत दी जाए. ताकि वे बाहर अपना इलाज़ करा सकें.’

ग़ौरतलब है कि नवाज़ शरीफ भ्रष्टाचार और काला धन जमा करने के मामलों में दोषी हैं. इन आरोपों में उन्हें सात साल क़ैद की सज़ा सुनाई गई है. वे 24 दिसंबर 2018 से लाहौर की कोटलखपत जेल में सज़ा काट रहे हैं. हालांकि अभी बीती 26 मार्च को उन्हें स्वास्थ्य के आधार पर ही छह सप्ताह की जमानत मिली थी. लेकिन इस शर्त के साथ कि वे पाकिस्तान से बाहर नहीं जाएंगे. ज़मानत की अवधि समाप्त होने के बाद वे सात मई को ही कोट लखपत जेल में वापस आए हैं.