भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता और मध्य प्रदेश की भोपाल संसदीय सीट की उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने लोकसभा चुनाव के नतीजे आने तक ‘मौन व्रत’ धारण कर लिया है. उन्होंने इसकी जानकारी एक ट्वीट के जरिये दी है. इसी ट्वीट से उन्होंने यह भी कहा है, ‘चुनावी प्रक्रियाओं के उपरांत अब चिंतन मनन का समय है. इस दौरान मेरे शब्दों से समस्त देशभक्तों को यदि ठेस पहुंची है तो मैं क्षमा प्रार्थी हूं और सार्वजनिक जीवन की मर्यादा के अंतर्गत प्रायश्चित हेतु 21 प्रहर के मौन और कठोर तपस्यारत हो रही हूं.’

इससे पहले लोकसभा के इस चुनाव के दौरान साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कई विवादित बयान दिए थे जिनके लिए उन्हें माफी भी मांगनी पड़ी थी. बीते हफ्ते ही एक पत्रकार के सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताया था. उनके उस बयान से किनारा करते हुए भाजपा ने उसे उनका निजी विचार बताया था. तब प्रज्ञा ठाकुर ने उस बयान पर माफी मांगते हुए कहा था कि गोडसे पर भाजपा जो विचार रखती है वही उनके विचार हैं.

इसके अलावा प्रज्ञा ठाकुर ने भोपाल संसदीय सीट से ही अपने प्रतिद्वंद्वी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को ‘आतंकवादी’ बताया था. साथ ही मुंबई पुलिस की आतंक निराधक इकाई (एटीएस) के प्रमुख रहे हेमंत करकरे को लेकर भी उन्होंने एक विवादित बयान दिया था. तब पत्रकारों के साथ बातचीत में उन्होंने कहा था कि करकरे की मौत उनके ‘श्राप’ की वजह से हुई थी. हालांकि चौतरफा आलोचनाओं के बाद उन्हें अपने उस बयान को भी वापस लेना पड़ा था.