सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम की वीवीपैट पर्चियों से मिलान कराने की मांग करने वाली नई याचिका खारिज कर दी है. याचिका में कहा गया था कि चुनाव परिणाम वाले दिन (23 मई) सौ प्रतिशत ईवीएम मशीनों का वीवीपैट से मिलान कराया जाए. सुप्रीम कोर्ट ने इस मांग को ‘बकवास’ बताते हुए कहा, ‘हम बार-बार इस तरह की याचिका पर सुनवाई नहीं कर सकते. लोगों द्वारा उनके प्रतिनिधि चुने जाने की प्रक्रिया के रास्ते में नहीं आ सकते. देश को सरकार चुनने दीजिए.’

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक जस्टिस अरुण मिश्रा ने चेन्नई स्थित ‘टेक फॉर ऑल’ नामक संस्था द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने पहले ही इस बारे में आदेश पारित कर दिया था. सात मई को दिए उस आदेश में पीठ ने 21 विपक्षी दलों की तरफ से दायर याचिका को खारिज कर दिया था. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में दायर की गई उस याचिका में कम से कम 50 प्रतिशत ईवीएम मशीनों का वीवीपैट पर्चियों से मिलान करने की मांग की गई थी.

रिपोर्टों के मुताबिक सीजेआई की पीठ के फैसले का हवाला देते हुए जस्टिस मिश्रा ने कहा कि इस बारे में फैसला लिया जा चुका है. उन्होंने कहा, ‘हम सीजेआई के आदेश को रद्द नहीं कर सकते... यह (याचिका) बकवास है. याचिका खारिज की जाती है.’