ज़बर्दस्त घाटे ने जेट एयरवेज़ की उड़ान पर लगाम लगाई है. उसके विमान ज़मीन पर खड़े हैं. लेकिन सूत्रों की मानें तो जेट एयरवेज़ के विमान जल्दी ही फिर आकाश की ऊंचाई छू सकते हैं. क्योंकि जेट की मदद के लिए हिंदूजा समूह आगे आ सकता है.

सूत्रों के मुताबिक जेट एयरवेज़ के संस्थापक नरेश गोयल से हिंदूजा समूह के मालिकों को सहमति मिल गई है. जेट एयरवेज़ की एक अन्य बड़ी साझेदार- एत्तिहाद एयरवेज़ ने भी अपनी मंज़ूरी दे दी है. इसके बाद अब हिंदूजा समूह अपने प्रमोटरों और प्रबंधन से अनुमति लेने की प्रक्रिया में है. काफ़ी संभावना है कि अनुमतियां भी मिल जाएंगी. इसके बाद जेट एयरवेज़ को हिंदूजा समूह ख़रीद सकता है.

बताया जाता है कि जेट एयरवेज़ काे ख़रीदने के लिए इस एयरलाइंस को कर्ज़ देने वाले बैंकों के समूह से जल्द ही हिंदूजा समूह के प्रतिनिधियों की बातचीत शुरू हो सकती है. हालांकि सूत्रों ने यह भी स्पष्ट किया है कि कंपनी किसी तरह की जल्दी में नहीं है. तमाम स्तरों पर विचार-विमर्श और पुख़्ता रणनीति के साथ ही जेट एयरवेज़ को ख़रीदने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा.

ग़ौरतलब है कि लगभग 12,000 करोड़ रुपए के कर्ज़ में डूबी जेट एयरवेज़ के विमान ज़मीन पर खड़े हाेने के बाद उसका स्टाफ तितर-बितर हो रहा है. बताया जाता है कि जेट के कई पायलटों को देश और विदेश की दूसरी एयरलाइंस अपने साथ जोड़ चुकी हैं. जेट को जिन हवाई मार्गों का लाइसेंस मिला था, वे भी दूसरी कंपनियों को अलॉट किए जा रहे हैं. इससे कंपनी को फिर खड़ा करने की उम्मीदें धुंधलाती जा रही हैं. शायद इसीलिए जेट के संस्थापक नरेश गोयल ने अपने दो दशक पुराने मित्र हिंदूजा ब्रदर्स से मदद की उम्मीद लगाई है.