‘मेरे द्वारा रिकॉर्ड किए गए कई अल्पमत वाले फैसले लगातार दबाए जाते रहे.’  

— अशोक लवासा, चुनाव आयुक्त

अशोक लवासा ने यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह को आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों में क्लीन चिट दिए जाने को लेकर कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘आचार संहिता उल्लंघन से जुड़े मामलों को बिना किसी भेदभाव के समयबद्ध तरीके से पूरी पारदर्शिता के साथ निपटाया जाना चाहिए.’ सवालिया लहजे में उनका यह भी कहना था, ‘अगर चुनाव आयोग के फैसले बहुमत से होते हैं और आदेश में अल्पमत की राय शामिल नहीं की जाती तो अल्पमत की राय का मतलब ही क्या है.’

‘मैं ईवीएम के साथ कथित छेड़छाड़ की खबरों को लेकर चिंतित हूं.’  

— प्रणब मुखर्जी, पूर्व राष्ट्रपति

प्रणब मुखर्जी ने यह बात अपने ट्विटर हैंडल पर एक बयान जारी करते हुए कही. इसके जरिये उन्होंने देश की जनता के जनादेश को ‘पवित्र’ बताते हुए यह भी कहा कि इसमें लेशमात्र का संशय भी नहीं होना चाहिए. प्रणब मुखर्जी के मुताबिक, ‘देश के संस्थानों पर मेरा पूरा विश्वास है. मेरा परखा हुआ विचार है कि किसी संस्था में काम रहा कोई व्यक्ति ही तय करता है कि उस संस्था के साधन किस तरह प्रदर्शन करेंगे.’ इसके साथ ही उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को लेकर लग रही अटकलों पर चुनाव आयोग को विराम लगाने की नसीहत भी दी.


‘जरूरत पड़े तो मुसलमानों को भाजपा से हाथ मिला लेना चाहिए.’  

— रोशन बेग, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

रोशन बेग ने यह बात कर्नाटक में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘हमें (मुसलमान) किसी पार्टी के प्रति वफादार नहीं रहना चाहिए. कांग्रेस ने भी कर्नाटक में मुसलमानों को सिर्फ एक सीट ही दी.’ इसी मौके पर एक सवाल के जवाब में उनका यह भी कहना था, ‘अगर जरूरत पड़ी तो मैं कांग्रेस छोड़ने के लिए तैयार हूं. मैं किसी पार्टी में अपमानित होकर नहीं रह सकता.’


‘मुझे इस बार का चुनाव प्रचार ऐसा लगा जैसे तीर्थयात्रा हो.’  

— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी ने यह बात दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के लिए आयोजित ‘स्वागत एवं आभार मिलन समारोह’ के मौके पर कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘मैंने कई चुनाव देखे हैं. लेकिन लोकसभा का यह चुनाव राजनीति से परे था. इस चुनाव में ऐसा लगा कि जैसे जनता तमाम दीवारों को लांघकर लड़ रही हो.’ इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दलों से एकजुट होकर काम करने की अपील भी की.


‘इस विश्वकप में महेंद्र सिंह धोनी की भूमिका अहम रहने वाली है.’  

— रवि शास्त्री, भारतीय क्रिकेट टीम के प्रमुख कोच

रवि शास्त्री ने यह बात मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी एक अनुभवी खिलाड़ी हैं. उनका अनुभव टीम में ‘विराट’ भूमिका निभाएगा. इसके साथ ही रवि शास्त्री का यह भी कहना था कि अगर इस प्रतियोगिता में टीम के सभी खिलाड़ी अपनी क्षमता के अनुरूप खेले तो निश्चय ही भारत एक बार फिर विश्व विजेता बन सकता है.