ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की खबरों के बीच विपक्षी दलों के नेताओं ने मंगलवार को चुनाव आयोग से मुलाकात की. उन्होंने आयोग से अपील की कि किसी बूथ पर पर्चियों के मिलान में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित विधानसभा क्षेत्र में सभी बूथों की वीवीपैट की गिनती की जाए. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. हालांकि, आयोग ने ईवीएम को लेकर की जा रही शिकायतों को खारिज किया. उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईवीएम की विश्वसनीयता पर उठाए जा रहे सवालों को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है. उन्होंने इसे विपक्षी दलों की हताशा करार दिया है.

हरियाणा : धान की खेती छोड़ने वाले किसानों को सब्सिडी सहित अन्य मदद

हरियाणा को जल संकट की स्थिति से उबारने की दिशा में मनोहरलाल खट्टर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य सरकार अब उन किसानों को प्रोत्साहन के रूप में सब्सिडी देगी जो धान की खेती छोड़ मक्का और अरहर दाल की खेती करेंगे. इसके तहत ऐसे किसानों को 4500 रुपये प्रति एकड़ तक प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. इसमें बीज और फसल का बीमा प्रीमियम भी शामिल है. इस योजना को सात ब्लॉक (प्रखंड) में पायलट प्रोजेक्ट की तरह शुरू किया जाएगा. बताया जाता है कि राज्य में धान का रकबा लगातार बढ़ रहा है. साल 2014 में इसकी फसल लगाने के लिए 12.8 लाख हेक्टेयर जमीन का इस्तेमाल किया जा रहा था. पिछले साल यह आंकड़ा बढ़कर 14.5 लाख हेक्टेयर हो गया. धान की खेती में पानी का बड़े स्तर पर इस्तेमाल होता है.

आचार संहिता के मामले को लेकर किसी फैसले में चुनाव आयुक्त की असहमति दर्ज नहीं

चुनाव आयोग ने मंगलवार को एक बड़ा फैसला लिया है. द हिंदू की खबर के मुताबिक आयोग ने कहा है कि आचार संहिता के मामले को लेकर किसी फैसले में चुनाव आयुक्त की असहमति दर्ज नहीं की जाएगी. हालांकि, पहले की तरह इसे आंंतरिक फाइलों में दर्ज किया जाएगा. इससे पहले चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने इसकी मांग की थी. आयोग के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया, ‘इस तरह की कोई प्रक्रिया नहीं है. मौजूदा नियमों के मुताबिक आचार संहिता जैसे गैर-अर्द्ध न्यायिक मामलों में बहुमत से फैसला लिया जाता है.’ वहीं, अशोक लवासा का इस मामले पर कहना था, ‘अगर चुनाव आयोग के फैसले बहुमत से होते हैं और आदेश में अल्पमत की राय शामिल नहीं की जाती तो इसका मतलब ही क्या है.’

रिलायंस समूह ने कांग्रेस और नेशनल हेराल्ड के खिलाफ दाखिल 5,000 करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा वापस लिया

अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस समूह ने कांग्रेस और नेशनल हेराल्ड अखबार के खिलाफ दाखिल 5,000 करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा वापस लेने का फैसला किया है. यह मामला गुजरात के अहमदाबाद स्थित एक निचली अदालत में दायर किया गया था. अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक यह रफाल सौदे के विवाद को लेकर कांग्रेस नेताओं के बयानों और संबंधित अखबार में अनिल अंबानी और उनकी कंपनी पर लिखी गई खबर को लेकर दायर किया गया था. रिलायंस समूह का कहना था कि इसमें अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया. बताया जाता है कि जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, उनमें नेशनल हेराल्ड के संपादक के साथ कांग्रेस नेता- रणदीप सिंह सुरजेवाला और शक्ति सिंह गोहिल शामिल थे.

वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने शरद पवार से बात नहीं की

23 मई को लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे घोषित होने से पहले वाईएसआर कांग्रेस के प्रमुख वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने विपक्षी एकता की कोशिशों को झटका दिया है. नवभारत टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने जब उनसे बात करने की कोशिश की तो उन्होंने फोन नहीं उठाया. बताया जाता है कि जगनमोहन चुनावी नतीजे का इंतजार कर रहे हैं और वे सभी विकल्प खुले रखे हुए हैं. इससे पहले एग्जिट पोल्स के नतीजे में वाईएसआर कांग्रेस को बड़ी सफलता मिलने की बात कही गई है. इनमें इस पार्टी को आंध्र प्रदेश की सत्ताधारी टीडीपी से अधिक सीटें मिलने की संभावना जाहिर की गई है. राज्य में लोकसभा की कुल 25 सीटें हैं.

तेलंगाना : गरीबों के सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार के लिए एक रुपये की योजना

तेलंगाना का करीमनगर नगर निगम गरीबों के सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार के लिए 15 जून से एक योजना शुरू करने जा रहा है. इसके तहत गरीब लोगों का अंतिम संस्कार सिर्फ एक रुपये में संभव हो सकेगा. दैनिक जागरण की खबर के मुताबिक इसके लिए 1.10 करोड़ रुपये का आवंटन भी कर दिया गया है. करीमनगर के मेयर एस रवींद्र सिंह ने कहा, ‘मध्य और निम्न आय वर्ग के लोग इस योजना का लाभ उठा सकेंगे. यह सभी जाति, धर्म के लोगों के लिए है.’ उन्होंने आगे बताया कि मृतक के परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी, चंदन की लकड़ी और केरोसिन उपलब्ध कराए जाएंगे. वहीं, परंपरागत अनुष्ठान के दिन करीब 50 लोगों को पांच रुपये के हिसाब से खाना भी उपलब्ध कराया जाएगा. दूसरी ओर, मेयर ने शवों को दफनाने के लिए भी जरूरी व्यवस्था किए जाने की बात कही है.