भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने पृथ्वी निगरानी उपग्रह रडार इमेजिंग सैटेलाइट-2बी (या रिसैट-2बी) को आज तड़के सफलतापूर्वक प्रक्षेपित करके इतिहास रच दिया. यह उपग्रह देश की निगरानी क्षमताओं को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा. साथ ही यह कृषि, वानिकी और आपदा प्रबंधन समर्थन जैसे क्षेत्रों में मददगार साबित होगा.
मंगलवार को आरंभ हुई 25 घंटे की उल्टी गिनती समाप्त होते ही एजेंसी के भरोसेमंद ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान पीएसएलवी-सी46 ने 615 किलोग्राम वजनी उपग्रह के साथ सुबह 5.30 बजे श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरी. पीटीआई के मुताबिक उड़ान भरने के करीब 15 मिनट बाद रिसैट-2बी को कक्षा में छोड़ा गया. वहां यह उपग्रह ‘रिसैट-2’ की जगह लेगा जिसे 2009 में लॉन्च किया गया था.
इससे पहले इसरो अध्यक्ष के सिवन ने इस उपग्रह के प्रक्षेपण को देश के लिए ‘अत्यंत महत्वपूर्ण’ मिशन करार दिया था. यह पीएसएलवी-सी46 का 48वां अभियान था.
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