भारतीय तट रक्षक (कोस्ट गार्ड) ने गुजरात के समुद्री तट के पास मंगलवार को एक पाकिस्तानी फिशिंग बोट से 600 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ (ड्रग्स) बरामद किए. मछली पकड़ने में काम आने वाली इस नाव का नाम ‘अल मदीना’ है और इस पर पाकिस्तान के कराची शहर का नाम है. फिलहाल इस पर सवार छह लोगों से पूछताछ की जा रही है. इसके लिए उन्हें जकाऊ ले जाया गया है. इस साल गुजरात के समुद्री तट पर हुई इस तरह की यह दूसरी घटना है. इससे पहले मार्च में गुजरात पुलिस और एटीएस के साथ संयुक्त अभियान चलाते हुए कोस्ट गार्ड ने एक पाकिस्तानी नौका से सौ किलो हेरोइन बरामद की थी.

टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित खबर के मुताबिक राजस्व खुफिया निदेशालय समेत अन्य एजेंसियों से सूचना मिली थी कि नशे के कारोबार में इस्तेमाल हो रही एक ‘संदिग्ध’ नाव भारत-पाकिस्तान समुद्री सीमा रेखा (आईएमबीएल) के आसपास दिख सकती है. एक अधिकारी ने अखबार को बताया, ‘हमने तेजी से गश्त करने वाले जहाज आईसीजी अरिंजय के साथ दो अन्य अवरोधक नावों को संदिग्ध नाव को पकड़ने का काम दिया. कोस्ट गार्ड ने डॉर्नियर हवाई जहाज की मदद से भी निगरानी की. सोमवार की रात को नाव को देखा गया.’

खबर के मुताबिक इसके बाद मंगलवार को अल मदीना ने जैसे ही आईएमबीएल पार की, तभी कोस्ट गार्ड ने उसे पकड़ लिया. शुरुआती तलाश में उसमें से नशीले पदार्थ के 194 पैकेट बरामद किए गए. एक अधिकारी ने बताया कि इन सभी को रासायनिक विश्लेषण के लिए भेज दिया गया है. भारतीय तट रक्षक के महानिदेशक राजेंद्र सिंह ने बताया कि उनका रक्षक बल नशीली दवा और उत्पाद-विरोधी अभियानों में हमेशा से सबसे आगे रहा है. सिंह के मुताबिक 1978 से अब तक कोस्ट गार्ड ने 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के नशीले पदार्थ जब्त किए हैं.