भारतीय जनता पार्टी के बाद अब बारी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ की है. उन्होंने आरोप लगाया है, ‘कांग्रेस के 10 विधायकों को भाजपा पैसे के साथ-साथ मंत्री पद का लालच दे रही है. उन्हें तोड़ने की कोशिश कर रही है.’

कमलनाथ ने कहा, ‘मुझे इस सबकी चिंता नहीं है. उन्हें (भाजपा को) करने दीजिए. मुझे कांग्रेस विधायकों पर पूरा भरोसा है. साथ ही उन पर भी जो कांग्रेस सरकार को समर्थन दे रहे हैं. भाजपा सिर्फ़ अपने कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने के लिए इस तरह की कोशिशें कर रही है.’ उनसे राज्य सरकार के मंत्री प्रद्युम्न सिंह के इस बयान के बारे में पूछा गया कि भाजपा ने ‘कांग्रेस विधायकों को 50-50 करोड़ रुपए देने की पेशकश की’ है. इस पर कमलनाथ ने कहा, ‘अरे भाई, पता नहीं क्या-क्या कर रहे हैं.’

ग़ौरतलब है कि अभी सोमवार को ही राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को एक पत्र लिखा था. इसमें दावा करते हुए मांग की थी कि प्रदेश की ‘कमलनाथ सरकार अल्पमत में है. इसलिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर सरकार को सदन में बहुमत साबित करने के लिए कहा जाए.’ ज़वाब में कमलनाथ ने भी कहा था कि वे ‘कभी भी बहुमत साबित करने काे तैयार’ हैं. वैसे राज्यपाल ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का कोई संकेत नहीं दिया है.

ध्यान रखने की बात ये भी है कि विधानसभा में इस वक़्त कांग्रेस के पास सदन के अध्यक्ष को मिलाकर 113 विधायक ही हैं. जबकि बहुमत के लिए 116 सदस्यों की ज़रूरत है. सरकार को समाजवादी पार्टी के एक, बहुजन समाज पार्टी के दाे और चार निर्दलीयों का समर्थन मिला हुआ है. एक सीट खाली है. जिस पर (छिंदवाड़ा) मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उपचुनाव लड़ा है. इसका नतीज़ा 23 मई को आना है. सदन में भाजपा के पास अपने 109 विधायक हैं.