चुनाव नतीज़ों का समय जैसे-जैसे नज़दीक आ रहा है सत्ता पक्ष और विपक्ष अपनी-अपनी रणनीति को भी अंतिम रूप में देने में लग गए हैं. इसी के तहत बताया जाता है कि अगर एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) बहुमत से पीछे रहा तो विपक्ष आनन-फानन में सरकार बनाने का दावा पेश कर सकता है. ताकि राष्ट्रपति को सबसे बड़े दल या गठबंधन को सरकार बनाने के लिए बुलाने का मौका ही न मिले.

सूत्रों के हवाले से हिंदुस्तान टाइम्स ने ख़बर दी है कि उसके मुताबिक कांग्रेस के रणनीतिकार अहमद पटेल और कानून के जानकार अभिषेक मनु सिंघवी के बीच पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के घर पर लंबी बैठक हुई है. उसी में इस रणनीति को अंतिम रूप दिया गया है. इस घटनाक्रम से वाक़िफ़ एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, ‘त्रिशंकु संसद की स्थिति में हम सबसे पहले राष्ट्रपति तक पहुंचेंगे. अगर एनडीए बहुमत से पीछे रहता है तो हम कर्नाटक मॉडल को केंद्र में भी आज़मा सकते हैं.’

ग़ौरतलब है कि बीते साल कर्नाटक में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी 104 सीटें लेकर सबसे बड़ दल के रूप में उभरी थी. कांग्रेस 78 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर थी. जबकि जनता दल-सेकुलर (जेडीएस) 37 सीटें लेकर तीसरे स्थान पर. लेकिन कांग्रेस ने तेजी दिखाते हुए जेडीएस को मुख्यमंत्री पद देने की पेशकश की और उसके साथ मिलकर सरकार बना ली थी. हालांकि राज्यपाल ने सरकार बनाने लिए पहले भाजपा को बुलाया लेकिन वह बहुमत साबित नहीं कर पाई थी.