राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सुप्रीम कोर्ट में चार नए जजों की नियुक्ति को अपनी मंजूरी दे दी है. इन जजों में जस्टिस अनिरुद्ध बोस, एएस बोपन्ना, बीआर गवई और सूर्यकांत शामिल हैं. खबरों के मुताबिक के चारों ही जज जल्दी ही सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस के तौर पर शपथ लेंगे. इसके बाद शीर्ष अदालत में जजों की संख्या बढ़कर 31 हो जाएगी जो कि सुप्रीम कोर्ट में जजों की अधिकतम स्वीकृत संख्या भी होगी.

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने बीती अप्रैल में झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अनिरुद्ध बोस और गुवाहाटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एएस बोपन्ना को शीर्ष अदालत में पदोन्नत करने संबंधी सिफारिश की थी. लेकिन सरकार ने उन दोनों जजों की वरिष्ठता को लेकर सवाल उठाए थे. साथ ही कॉलेजियम से उनके नामों पर दोबारा विचार करने के लिए भी कहा था.

उधर, इसी महीने कॉलेजियम ने सरकार की उस आपत्ति को खारिज करते हुए ‘वरिष्ठता पर मेरिट को तरजीह’ दिए जाने की बात कही थी. इसके साथ ही कॉलेजियम ने जस्टिस बोपन्ना और बोस के नामों को दोबारा आगे बढ़ाया था. साथ ही बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बीआर गवई और हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत को भी उसी समय शीर्ष अदालत में पदोन्नत किए जाने की सिफारिश भी की थी.

वैसे यह पहली बार नहीं है कि जब सरकार ने कॉलेजियम की तरफ से सुझाए गए नाम को वापस लौटाया हो. पिछले साल ऐसी ही स्थिति जस्टिस केएम जोसेफ को लेकर भी बनी थी. हालांकि बाद में सरकार ने कोलेजियम की सिफारिश को स्वीकार करते हुए जस्टिस जोसेफ को शीर्ष अदालत में पदोन्नत ​कर दिया था.