मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ जहां राज्य विधानसभा में बहुमत सिद्ध करने की तैयारी में जुटे हैं तो वहीं इस मामले पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान का भी अहम बयान आया है. खबरों के मुताबिक उन्होंने कहा है, ‘भाजपा और मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता गोपाल भार्गव ने कभी कमलनाथ को बहुमत सिद्ध करने को नहीं कहा. भाजपा ने प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को चिट्ठी जरूर लिखी थी. लेकिन उसके जरिये विशेष सत्र बुलाने की अपील की गई ​थी ताकि पेयजल, कानून-व्यवस्था, किसानों के बकाये के भुगतान जैसे मुद्दों पर चर्चा की जा सके.’

इसके साथ ही शिवराज सिंह चौहान ने यह भी कहा है कि वे जोड़-तोड की राजनीति के पक्ष में नहीं हैं और इसमें विश्वास भी नहीं करते. उनके मुताबिक खुद कांग्रेस में ही अपनी सरकार गिराने के लक्षण दिखाई दे रहे हैं.

इससे पहले इसी सोमवार को भाजपा की तरफ से आनंदी बेन पटेल को चिट्ठी भेजे जाने की खबरें आई थी. उनमें यह भी कहा गया था कि भाजपा ने राज्यपाल से कमलनाथ को सदन में बहुमत साबित करने का निर्देश देने की अपील की है. उधर, भाजपा की उस चिट्ठी पर प्रतिक्रिया देते हुए तब कमलनाथ ने खुद को शक्ति परीक्षण के लिए तैयार बताया था. इस दौरान इसी मंगलवार को कमलनाथ ने भाजपा पर कांग्रेस के विधायकों को तोड़ने के आरोप लगाए थे. साथ ही यह भी कहा था कि मध्य प्रदेश में भाजपा अपनी सरकार बनाना चाहती है और इसके लिए वह कांग्रेस के विधायकों को पद और पैसे का लालच दे रही है.