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राहुल गांधी : किसका करूं पीछा और किसको छोड़ दूं
राहुल गांधी के ऑफिस या सीधे-सीधे राहुल गांधी को ट्विटर पर आज दो महीने पूरे हो गए. उनके ट्विटर अकाउंट (@OfficeOfRG) की शुरुआत सात मई को बड़ी देर से हुई थी. यह उनके ट्विटर अकाउंट से भी दिखता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 1.35 करोड़ फॉलोअरों के मुकाबले राहुल के अभी ट्विटर पर मात्र 1.16 लाख फॉलोअर ही हैं. लेकिन यहां सुनी-सुनाई समस्या यह है कि उनके ऑफिस को यह समझ नहीं आ रहा कि वह फॉलो करे तो किसे करे. चंद दिन पहले तक वह केवल तीन ही ट्विटर अकाउंटों - कांग्रेस पार्टी, यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई - को फॉलो कर रहा था. पिछले दो-तीन दिनों में उसने कुछ और जिन लोगों को फॉलो करना शुरू किया है वे भी सब या तो कांग्रेस पार्टी के नेता हैं, या प्रदेश कांग्रेस के ऑफिशियल अकाउंट या शैडो अकाउंट जिन्हें उनकी पार्टी ने विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों पर नजर रखने के लिए बनाया है. इनमें कोई पत्रकार या किसी दूसरी पार्टी का नेता यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी तक शामिल नहींं हैं. कुल मिलाकर राहुल का अकाउंट अभी सिर्फ 61 लोगों को ही फॉलो करता है. अब सुना है कि कुछ बहुत ही चुनिंदा लोगों को, जिनमें एक-दो बड़े पत्रकार भी हैं, राहुल जल्द ही फॉलो करने वाले हैं. लेकिन इनकी मात्रा दाल में सिर्फ नमक के जैसी ही होगी.
ललित मोदी : इनसे मिले यानी रोजे पड़े गले
आईपीएल की शुरुआत धमाकेदार थी. हर व्यक्ति क्रिकेट के इस सबसे मजादिलाऊ संस्करण का हिस्सा होना चाहता था. जाहिर सी बात है कि हर बड़ा आदमी उस समय ललित मोदी से भी संबंध बनाना चाहता था जो उस समय शाहरुख खान जैसे एक्टरों और अंबानी जैसे उद्योगपतियों से घिरे रहते थे. क्रिकेट देखने का मजा वह भी उस व्यक्ति के आजू-बाजू में, जो उसे करवा रहा हो, अलग ही होता है. इसलिए आज ललित मुंह उठा के जिसे चाहे अपने चक्कर में घसीट लेते हैं. यह तो हुई क्रिकेट के आजू-बाजू की बात लेकिन ललित ने तो पिछले दिनों रॉबर्ट और प्रियंका गांधी वाड्रा से लंदन में मिलने की बात भी कह डाली. अब सुनी-सुनाई हकीकत यह है कि जिन टिमी सरना का नाम ललित ने अपनी ट्वीट में यह कहते हुए लिया था कि उनकी उपस्थिति में वे प्रियंका और रॉबर्ट से मिले थे वे डीएलएफ के मालिक केपी सिंह की सुपुत्री पिया सिंह के पति हैं. उनकी वाड्रा परिवार से गाढ़ी छनती है. सर्ना ललित को भी जानते हैं. प्रियंका और रॉबर्ट सरना के साथ लंदन में जिस रेस्टोरेंट में गए थे वहां ललित मोदी पहले से ही थे. तो टिमी ललित से मिले, ललित ने रॉबर्ट और प्रियंका से भी हाय-हलो की और इसके बाद ललित अलग टेबल पर और सर्ना, रॉबर्ट और प्रियंका अलग टेबल पर. बस इतनी सी बात का ललित के एक ट्वीट ने अफसाना बना दिया.
शाहनवाज हुसैन: आ अब लौट चलें
पिछले लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी की आंधी में भाजपा से अजब-गजब लोग भी चुनाव लड़कर जीत गए लेकिन बिहार के युवा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन भागलपुर से हार गए. उम्मीद थी कि भाजपा के इक्का-दुक्का मुस्लिम चेहरों में होने की वजह से उनका कुछ न कुछ हो ही जाएगा. लेकिन एमजे अकबर की वजह से सब गड़बड़ हो गया. बात है तो सुनी-सुनाई लेकिन पक्की ही मानें. मंत्रिमंडल के अगले फेरबदल में नजमा हेपतुल्ला की जगह मुख्तार अब्बास नकवी को मिलने वाली है और एमजे अकबर को विदेश राज्यमंत्री बनाया जा सकता है. चूंकि दो-दो मुस्लिम मंत्रियों के बाद किसी तीसरे के लिए उम्मीद न के बराबर है इसलिए शाहनवाज हुसैन पिछले दिनों बड़ी दुविधा में रहे. अब उन्होंने अपनी कर्मभूमि अपने गृहप्रदेश को ही बनाने का फैसला कर लिया है. बताया जा रहा है कि उन्होंने पटना में एक घर किराये पर लेकर कम से कम बिहार चुनाव के परिणाम आने तक वहां की राजनीति करने का फैसला किया है.