जम्मू-कश्मीर में सेना और सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है. राज्य के त्राल इलाके में हुई एक मुठभेड़ में मोस्ट वांटेड आतंकी ज़ाकिर मूसा मारा गया है. एनडीटीवी से बातचीत में प्रदेश के एक वरिष्ठ पुलिस अफसर ने इसकी पुष्टि की है.

उन्होंने बताया, ‘ज़ाकिर मूसा ग़ज़वात-उल-हिंद नाम संगठन का प्रमुख था. घाटी में वह ए++ श्रेणी का आतंकी था, जिसकी लंबे समय से तलाश थी. वह आतंकी संगठन अल-क़ायदा से जुड़ा था.’ उनके मुताबिक, ‘ज़ाकिर मूसा 2013 में आतंक की दुनिया में आया. वह 2016 में तब सुर्ख़ियाें में आया जब सुरक्षा बलों ने एक अन्य चर्चित आतंकी बुरहान वानी को मार गिराया था. बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में ज़ाकिर मूसा ही आतंक का प्रमुख चेहरा (पोस्टर ब्वाय) था.’

ख़बरों के मुताबिक ज़ाकिर मूसा के मारे जाने के बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने शुक्रवार काे सभी शिक्षण संस्थानाें काे बंद रखने का आदेश जारी किया है. हिंसक प्रदर्शनों की आशंका में यह आदेश जारी किया गया है. एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, ‘यह रमज़ान का महीना है और शुक्रवार को जुमा है. इसलिए हम कोई ज़ाेख़िम नहीं लेना चाहते.’ ग़ौरतलब है कि बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में महीनों तक प्रदर्शन और पत्थरबाज़ी का सिलसिला चला था.

ध्यान रखने की बात यह भी है कि रमज़ान का महीना होने के बावज़ूद सेना और सुरक्षा बलों ने घाटी से आतंकियों के सफ़ाए का काम ज़ारी रखा हुआ है. बीते 18 दिनों में ही क़रीब 16 आतंकी मारे गए हैं. हालांकि 2018 में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने इस तरह का अभियान रोक दिया था. लेकिन इस बार नीति बदली गई है.