प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी कैबिनेट ने शुक्रवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात करके उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया है. साथ ही इस मुलाकात के दौरान केंद्र में नई सरकार के गठन के लिए 16वीं लोकसभा को भंग करने की सिफारिश भी की है. खबरों के मुताबिक लोकसभा के इस चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को मिली भारी जीत के बाद शुक्रवार को ही नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय कैबिनेट की बैठक बुलाई थी. उस बैठक में 16वीं लोकसभा को भंग करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया था.

वहीं राष्ट्रपति ने नरेंद्र मोदी का इस्तीफा स्वीकार करते हुए उनसे अगली सरकार के गठन तक पद पर बने रहने के लिए कहा है. जहां तक नई सरकार के गठन का सवाल है तो यह कवायद तीन जून को खत्म हो रहे 16वीं लोकसभा के कार्यकाल से पहले पूरी करनी है. 17वीं लोकसभा के गठन को लेकर चुनाव आयोग के तीनों आयुक्त राष्ट्रपति से मिलकर इस चुनाव के नव निर्वाचित सदस्यों की सूची सौंपेंगे. इसके बाद इस चुनाव में राष्ट्रपति सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाली पार्टी को सरकार बनाने का न्यौता देंगे.

इधर, लोकसभा के इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सबसे ज्यादा 303 संसदीय सीटों पर जीत मिली है. वहीं भाजपा की अगुवाई वाले एनडीए ने इस चुनाव में 352 सीटें जीती हैं. इससे पहले लोकसभा के इस चुनाव में आखिरी नतीजे के तौर पर अरुणाचल पश्चिम संसदीय सीट का परिणाम घोषित किया गया था. इस सीट से भाजपा के नेता किरण रिजिजू को जीत मिली है.