लोक सभा चुनाव में मिली करारी हार की समीक्षा के लिए शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक शुरू हुई. पहले ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि हार की ज़िम्मेदारी लेते हुए राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष के पद से इस्तीफ़ा दे सकते हैं. लेकिन पार्टी ने इस ख़बर को सिरे से ख़ारिज़ कर दिया है.

कांग्रेस के दिल्ली स्थित मुख्यालय में सीडब्ल्यूसी की बैठक चल रही है. इसमें राहुल गांधी के इस्तीफ़े के बाबत जब मीडिया के प्रतिनिधियों ने पार्टी प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला से जानने की कोशिश की तो उन्होंने इस ख़बर को पूरी तरह ग़लत क़रार दिया. राजस्थान के मुख्यमंत्री और पार्टी के पूर्व संगठन महासचिव अशोक गहलोत ने भी राहुल के इस्तीफ़े की ख़बर को अफ़वाह बताया है.

सीडब्ल्यूसी की बैठक में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) की अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित वरिष्ठ नेता मौज़ूद हैं. हालांकि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ इस बैठक में नहीं आ पाए हैं. क्योंकि शनिवार को ही मध्य प्रदेश में कांग्रेस विधायक दल की बैठक भी बुलाई गई है, जिसमें राज्य में पार्टी को मिली हार की समीक्षा की जा रही है.

ग़ौरतलब है कि कांग्रेस इस लोकसभा चुनाव में देश भर में सिर्फ़ 52 सीटें ही जीत सकी है. वहीं मध्य प्रदेश में वह एकमात्र छिंदवाड़ा की सीट ही जीत पाई है. राज्य में ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह जैसे दिग्गज कांग्रेसी चुनाव हार गए हैं. जबकि गुना-शिवपुरी में तो देश के चुनावी इतिहास में पहली बार सिंधिया परिवार के किसी सदस्य (ज्योतिरादित्य) को हार का मुंह देखना पड़ा है.