केंद्र सरकार की सिफ़ारिश को मंज़ूर करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को 16वीं लोक सभा भंग करने की अधिसूचना जारी कर दी. इस बाबत केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने शुक्रवार को अनुशंसा की थी.

इससे पहले शुक्रवार को ही राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार का इस्तीफ़ा मंज़ूर कर लिया था. साथ ही उन्हें अगली व्यवस्था होने तक कार्यवाहक प्रधानमंत्री के तौर पर पद पर बने रहने को कहा था. ख़बराें की मानें तो नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही अगली सरकार 30 मई को काम संभाल सकती है. नई सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं.

सरकार के एक वरिष्ठ सूत्र के मुताबिक, ‘यह पक्का ही है कि अगली सरकार का शपथ ग्रहण 30 मई को हो रहा है.’ ख़बरों के मुताबिक नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरिसेना का आना भी लगभग निश्चित ही है. इससे पहले 2014 में भी नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में श्रीलंका के तत्कालीन राष्ट्रपति महिंद राजपक्षे शामिल हुए थे.

एक अन्य घटनाक्रम में चुनाव अयोग ने राष्ट्रपति को 17वीं लोक सभा के लिए चुने गए सभी सदस्यों की सूची सौंप दी है. इसके साथ ही अगली लोक सभा के गठन की औपचारिक प्रक्रिया भी शुरू हो गई है. इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 303 लोक सभा सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया है. जबकि देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस सिर्फ 52 सीटें ही जीत पाई है.