भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) की शनिवार शाम दिल्ली में बैठक हो रही है. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नेता चुने जाने की औपचारिकता पूरी की जाएगी. इसके लिए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अपने पुत्र आदित्य और अन्य सहयोगियों के साथ दिल्ली पहुंचे हैं. ख़बरों के मुताबिक शिवसेना चूंकि भाजपा के बाद एनडीए में दूसरा बड़ा दल है, इस नाते वह नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बन रही अगली सरकार में तीन से पांच मंत्री पद मांग सकती है.

ख़बरों की मानें तो शिवसेना के 18 सांसद जीतकर आए हैं. इस हिसाब से वह कम से कम पांच मंत्री पदों की अपेक्षा कर रही है. साथ ही अच्छे विभागाें की भी. अलबत्ता चूंकि भाजपा को अपने दम पर ही 303 सदस्यों का बड़ा बहुमत हासिल है. ऐसे में अगर कहीं थोड़ा-बहुत समझौता करना पड़ा ताे भी तीन मंत्री पदों से कम पर शिवसेना नहीं मानेगी. अपने कम से कम दो कैबिनेट मंत्री और एक या दो राज्य मंत्री बनाए जाने की अपेक्षा शिवसेना का नेतृत्व कर रहा है.

इधर भाजपा के साथ अपने संबंध सहज करते हुए शिवसेना ने उसे ‘राष्ट्रीय राजनीति में अपना बड़ा भाई’ भी बताया है. पार्टी के अहम सदस्य संजय राउत ने समाचार एजेंसी एएनआई से बाचतीत में कहा, ‘हमने हमेशा भाजपा को राष्ट्रीय राजनीति में अपना बड़ा भाई माना है. आज की तारीख़ में देश में काेई नेता नहीं है जो नरेंद्र मोदी के सामने टिक सके. और मुझे नहीं लगता कि अगले 25 साल तक कोई ऐसा होने भी वाला है.’ हालांकि इसी साल के शुरूआत में जब भाजपा-शिवसेना के संबंध ठीक नहीं चल रहे थे तब इन्हीं संजय राउत ने कहा था, ‘महाराष्ट्र में शिवसेना बड़े भाई (भाजपा की) की तरह थी, है और आगे भी रहेगी.’