लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार की जिम्मेदारी लेते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की एक बैठक में अपना पद छोड़ने की पेशकश की. हालांकि सीडब्ल्यूसी के दूसरे सदस्यों ने एकमत से उनकी इस पेशकश को ठुकरा दिया. खबरों के मुताबिक कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने यह जानकारी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दी.

इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा कि उस बैठक में चुनावी हार के कारणों पर भी मंथन किया गया. साथ ही उस हार के मद्देनजर पार्टी के पुनर्गठन के लिए सीडब्ल्यूसी ने राहुल गांधी को बदलाव के अधिकार भी दिए. रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आगे कहा, ‘कांग्रेस जनादेश का सम्मान करती है और यह भी समझती है कि वह चुनाव हारी है लेकिन उसका साहस बरकरार है.’

वहीं पार्टी के नेता एके एंटनी ने कहा, ‘इस चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. इसकी क्या वजहें रहीं इस पर पार्टी विचार करेगी. हम क्यों हारे इस बारे में तत्काल किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता. इस पर विस्तार से चर्चा की जाएगी.’

वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा, ‘इस बैठक में उनसे यह भी कहा गया कि आप (राहुल गांधी) राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष के नेता की भूमिका निभा सकते हैं.’ इसके साथ ही उनका कहना था, ‘लोकतंत्र में हार-जीत होती रहती है. लेकिन नेतृत्व करना अलग मसला है. राहुल गांधी ने इस चुनाव में पार्टी का नेतृत्व किया है. भले अंकों के रूप में पार्टी को हार मिली है लेकिन यह पार्टी के सिद्धांतों की हार नहीं है.’

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले कांग्रेस मुख्यालय में सीडब्ल्यूसी की बैठक हुई थी. उस बैठक में पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के अलावा मल्लिकार्जुन खड़गे और पी चिदंबरम जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे.