लोकसभा के इस चुनाव में निराशाजनक प्रदर्शन को देखते हुए कांग्रेस नेताओं की तरफ से अपने पदों को छोड़ने की पेशकश करने का सिलसिला जारी है. इस क्रम में अब पार्टी के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ का नाम भी जुड़ गया है. उन्होंने कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई का अध्यक्ष पद छोड़ने की पेशकश की है. अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के महासचिव दीपक बाबरिया ने उनकी इस पेशकश की पुष्टि की है.

इससे पहले इसी शुक्रवार को चुनावी नतीजों के मद्देनजर उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राज बब्बर ने भी पार्टी हाईकमान को अपना इस्तीफा भेजा था. ऐसा करने वालों में कांग्रेस की ओडिशा इकाई के निरंजन पटनायक भी शामिल थे. वहीं शनिवार को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की एक बैठक हुई थी. उस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस चुनाव में पार्टी को मिली करारी शिकस्त की नैतिक जिम्मेदारी ली थी. तब उन्होंने भी पार्टी के अध्यक्ष का पद छोड़ने की पेशकश भी की थी. हालांकि बैठक में शामिल पार्टी के अन्य नेताओं ने एकमत से उनकी उस पेशकश को अस्वीकार कर दिया था.

लोकसभा के इस चुनाव में कांग्रेस को सिर्फ 52 संसदीय सीटों पर जीत मिली है. जहां तक मध्य प्रदेश का सवाल है तो वहां पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिहं और ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित इसके कई दिग्गज नेताओं को हार का स्वाद चखना पड़ा है. साथ ही वहां कांग्रेस की झोली में सिर्फ एक सीट ही गिरी है. ऐसी ही स्थिति उत्तर प्रदेश में भी देखने को मिली. वहां खुद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अमेठी लोकसभा सीट पर हार का सामना करना पड़ा है.