‘2019 के जनादेश ने लोकतंत्र को परिवारवाद, जातिवाद और तुष्टीकरण के नासूरों से बाहर निकाल दिया है.’  

— अमित शाह, भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष

अमित शाह ने यह बात संसद भवन के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के संसदीय दल को दिए अपने संबोधन में कही. इस मौके पर एनडीए और भारतीय जनता पार्टी को मिले प्रचंड बहुमत को उन्होंने ‘ऐतिहासिक’ बताया. उन्होंने कहा, ‘जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच साल शासन चलाया उसे देश की जनता ने मन से स्वीकारा है.’ इसके साथ ही अमित शाह का यह भी कहना था, ‘देश के लोगों के मन में टीस थी कि आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होती. लेकिन मोदी के आने के बाद जनता को विश्वास हुआ कि अब एक नेता ऐसा आया है जो आतंकवादियों पर उनके घर में घुसकर कार्रवाई कर सकता है.

‘बड़बोलेपन से बचकर रहिये, इससे अपनी ही परेशानी बढ़ती है.’  

— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी ने यह बात संसद भवन के सेंट्रल हॉल में नव-निर्वाचित सांसदों को नसीहत देते हुए कही. इस मौके पर बिना कोई नाम लिए उन्होंने यह भी कहा, ‘कुछ लोगों का बड़बोलापन ही है कि वे टेलीविजन कैमरे के सामने कुछ भी कह देते हैं. कुछ ऐसे लोग है जिन्हें राष्ट्र के नाम संदेश दिए बगैर चैन नहीं पड़ता. लेकिन उनके ऐसा करने से परेशानियां बढ़ती हैं. इस व्यवहार में बदलाव की जरूरत है.’ इसके साथ ही उनका यह भी कहना था, ‘हम सब पर बड़ी जिम्मेदारियां हैं जिन्हें हमें निभाना है. यदि हम ऐसा करने में असफल रहे तो देश हमें कभी माफ नहीं करेगा.’


‘ईश्वर ने चंद्रबाबू नायडू को उनके बुरे कामों की सजा दी है.’  

— जगन मोहन रेड्डी, वाईएसआर कांग्रेस के प्रमुख

जगन मोहन रेड्डी ने यह बात नव-निर्वाचित विधायक दल की एक बैठक को संबोधित करते हुए कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘यह बात चुनावी नतीजों से भी साफ होती है कि अगर कोई कुछ गलत करेगा तो उसे सजा जरूर मिलेगी.’ जगन मोहन रेड्डी के मुताबिक, ‘2014 के चुनाव में चंद्रबाबू नायडू ने वाईएसआर कांग्रेस के 23 विधायक खरीदे थे. लेकिन इस बार 23 मई को घोषित राज्य विधानसभा चुनाव के नतीजों में चंद्रबाबू नायडू की पार्टी के सिर्फ 23 विधायक ही चुने गए हैं.’ रेड्डी ने इसे ‘23 की संख्या’ को लेकर लिखी ईश्वर की शानदार पटकथा भी बताया.


‘सबरीमला मंदिर के मुद्दे ने लोकसभा चुनाव के नतीजों पर असर नहीं डाला है.’  

— पिनाराई विजयन, केरल के मुख्यमंत्री

पिनाराई विजयन का यह बयान लोकसभा चुनाव के नतीजों को लेकर आया है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘यह विधानसभा का नहीं बल्कि लोकसभा का चुनाव था. ज्यादातर लोगों ने यही सोचा कि कांग्रेस केंद्र की सत्ता में वापसी करेगी इसलिए उन्होंने कांग्रेस के पक्ष में वोट दिया.’ पिनारायी विजयन ने आगे कहा, ‘कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने केरल की वायनाड संसदीय सीट से चुनाव लड़ा इससे उनके गठबंधन को काफी फायदा मिला है.’


‘मैंने मुख्यमंत्री पद छोड़ने की पेशकश की थी लेकिन पार्टी ने इसे मंजूर नहीं किया.’  

— ममता बनर्जी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री

ममता बनर्जी ने यह बात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘ऐसे दौर में जब लोकतंत्र पैसे के बल पर चलता हो तो किसी राज्य के मुख्यमंत्री के लिए काम कर पाना बेहद कठिन है.’ इसके साथ ही भाजपा पर निशाना साधते हुए ममता बनर्जी ने आगे कहा, ‘बीते पांच-छह महीनों के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार पर चुनाव आयोग का नियंत्रण रहा. आपातकाल जैसी ​इस स्थिति में हमारी सरकार को सही तरह से काम करने की अनुमति नहीं दी गई.’ उनके मुताबिक चुनाव आयोग ने भाजपा के कहने पर ऐसा किया था.