उत्तर प्रदेश के अमेठी में भाजपा नेता सुरेंद्र सिंह की हत्या की खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. वे अमेठी की नई सांसद स्मृति ईरानी के काफी करीबी थे. स्थानीय लोगों के मुताबिक शनिवार रात बदमाशों ने उस वक्त इस घटना को अंजाम दिया जब सुरेंद्र सिंह बरौलिया गांव में अपने घर के बाहर सो रहे थे. घटना की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और मामला दर्ज कर इसकी पड़ताल शुरू कर दी. मृतक के परिवार ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप लगाया है. दूसरी ओर, अमेठी के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा है कि इस हत्या के पीछे की वजह कोई पुरानी रंजिश या राजनीतिक विवाद हो सकता है. उधर, स्मृति ईरानी ने इस घटना के दोषियों को पाताल से भी ढूंढ निकालने की बात कही है.

17वीं लोकसभा में करीब आधे सांसद दागी, 26 फीसदी की बढ़ोतरी

17वीं लोकसभा में दागी सांसदों की संख्या में 26 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. द इंडियन एक्सप्रेस ने एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट के हवाले से बताया है कि 539 नए सांसदों में से 233 (46 फीसदी) के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें 116 सांसद (39 फीसदी) भाजपा से हैं. वहीं, कांग्रेस के 29 (57 फीसदी) और जदयू के 13 (81 फीसदी) सांसदों की छवि दागी है. इससे पहले 16वीं लोकसभा (2014-19) में 185 सांसदों (34 फीसदी) के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज थे. एडीआर की मानें तो साल 2009 की तुलना में इस बार गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपित सांसदों की संख्या में 109 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

रालोसपा के दो विधायक जदयू में शामिल

लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को एक और बड़ा झटका लगा है. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक उनकी पार्टी के दोनों विधायक-लल्लन पासवान और सुधांशु शेखर जदयू में शामिल हो गए हैं. विधानसभा अध्यक्ष ने भी इन दोनों को इसकी इजाजत दे दी है. इस तरह से अब रालोसपा का न तो कोई सांसद है और न ही विधायक. उपेंद्र कुशवाहा ने साल 2013 में जदयू से अलग होकर रालोसपा बनाई थी. इसके बाद साल 2014 में एनडीए के घटक दल के रूप में पार्टी ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की थी. साल 2015 के विधानसभा चुनाव में पार्टी के केवल दो उम्मीदवार जीत दर्ज करने में कामयाब हुए थे.

सूरत अग्निकांड : कोचिंग सेंटर में छात्रों के बैठने के लिए टायरों का इस्तेमाल

गुजरात के सूरत अग्निकांड में कोचिंग सेंटर की अव्यवस्था को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है. अमर उजाला में छपी खबर के मुताबिक मुख्य सचिव जेएन सिंह ने बताया है कि कोचिंग सेंटर की छत केवल पांच फीट ऊंची थी. इसकी वजह से कोचिंग में छात्रों के बैठने के लिए कुर्सी की जगह टायरों का इस्तेमाल किया जा रहा था. उन्होंने आगे बताया कि इसकी वजह से बिल्डिंग में आग तेजी से फैल गई. वहीं, फायर टेंडर के घटनास्थल से दूर होने की वजह से आग जल्दी नहीं बुझाई जा सकी. मुख्य सचिव ने कहा कि इस घटना को लेकर लापरवाही बरतने वाले दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है. दूसरी ओर, 9900 कोचिंग सेंटरों की जांच के बाद इनमें से 9300 को नोटिस जारी किया गया है. बीते शुक्रवार को इस अग्निकांड में 21 छात्रों की मौत हो गई थी.

जाकिर नाइक को अज्ञात ‘शुभचिंतकों’ से 65 करोड़ रुपये का चंदा मिला

विवादित उपदेशक जाकिर नाइक और उनकी संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) ट्रस्ट को अज्ञात लोगों ने साल 2003 से 2017 के बीच 65 करोड़ रुपये भेजे थे. रसीद में इनका नाम शुभचिंतक लिखा हुआ है. इनमें से कई दानकर्ता खाड़ी देशों से संबंधित हैं. हिन्दुस्तान की खबर के मुताबिक इस बात का खुलासा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने किया है. बताया जाता है कि इस ट्रस्ट का संचालन खुद जाकिर नाइक करते थे. जांच एजेंसी ईडी ने बताया कि इस रकम का बड़ा हिस्सा भड़काऊ भाषण और धर्मांतरण के लिए किया जाता था. उसके मुताबिक जाकिर नाइक ने इस पैसे को रियल एस्टेट में भी इस्तेमाल किया.

सुषमा स्वराज ने पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त विजेता को वीजा देने से इन्कार करने के मामले में रिपोर्ट तलब की

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने जर्मनी की पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त विजेता फ्रेडरिक इरिना ब्रूनिंग को वीजा देने से इन्कार करने के मामले में रिपोर्ट तलब की है. दैनिक जागरण के मुताबिक इससे पहले भारत में और अधिक समय तक रुकने के लिए उनके वीजा विस्तार के आवेदन को विदेश मंत्रलय ने लौटा दिया था. इसके बाद फ्रेडरिक ने पद्म पुरस्कार लौटाने की धमकी दी थी. बताया जाता है कि उनकी वीजा अवधि 25 जून को खत्म हो रही है. सुदेवी माता जी के रूप में विख्यात फ्रेडरिक बीते दो दशकों से उत्तर प्रदेश के मथुरा में बीमार और छुट्टा गायों की देखभाल कर रही हैं. इस कार्य के लिए उन्हें 2019 में पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा गया था.