राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है, ‘हमें राम का कार्य करना है और वह होकर रहेगा. राम हम सभी के भीतर जीवित हैं. इसलिए यह हमारा काम है और हम इसे स्वयं करेंगे. यदि हम इस काम की जिम्मेदारी किसी दूसरे को सौंपते हैं तो हमें इस पर निगरानी रखनी होगी.’ खबरों के मुताबिक मोहन भागवत ने ये बातें राजस्थान के उदयपुर में एक कार्यक्रम के दौरान दिए अपने संबोधन में कहीं. उनके इस बयान को अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के साथ जोड़कर देखा रहा है.

आरएसएस के लिए अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण दशकों से एक बड़ा मुद्दा रहा है. ऐसे में आरएसएस ने इसी साल केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार से इस संबंध में विधेयक पारित कर मंदिर निर्माण शुरू करवाने की बात कही थी. हालांकि तब भाजपा ने उसे स्वीकार नहीं किया था. लेकिन लोकसभा चुनाव को लेकर जारी घोषणापत्र में पार्टी ने राम मंदिर का जिक्र करते हुए कहा था कि इसके निर्माण के लिए हर संभावना तलाशी जाएगी.

अयोध्या में राम मंदिर-बाबरी मस्जिद का मामला फिलहाल सर्वोच्च अदालत में लंबित है. इस मसले के शांतिपूर्ण समाधान के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बीती मार्च में एक मध्यस्थता पैनल गठिन किया था. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस एफएमआई कलीफुल्ला की अध्यक्षता वाले इस पैनल में आध्यत्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर और वरिष्ठ वकील श्रीराम पंचू को इसका सदस्य बनाया गया है. इस पैनल ने इसी महीने सुप्रीम कोर्ट को अपनी एक रिपोर्ट सौंपते हुए कुछ और समय की मांग की थी. उस पर शीर्ष अदालत ने इस पैनल को वक्त देते हुए इस मुद्दे पर 15 अगस्त तक के लिए सुनवाई टाल दी थी.