‘विनायक दामोदर सावरकर पहले व्यक्ति थे जिन्होंने भारत विभाजन का प्रस्ताव रखा था.’  

— भूपेश बघेल, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री

भूपेश बघेल ने यह बात पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘हिंदू महासभा के नेता रहे सावरकर के उस प्रस्ताव को बाद में मोहम्मद अली जिन्ना ने साकार किया था.’ इसके साथ ही भूपेश बघेल ने ‘आज के भारत’ को पंडित नेहरू की देन बताया. साथ ही कहा, ‘लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत सवाल पूछने की इजाजत है. नेहरू इसके हिमायती थे. लेकिन आज के दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आप कोई सवाल नहीं पूछ सकते.’

‘अगर अब भी राजनीतिक पंडितों की आंखें नहीं खुली है तो इसका यही मतलब है कि वे 20वीं सदी में जी रहे हैं.’

— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी ने यह बात वाराणसी में उत्तर प्रदेश के 2017 और केंद्र के 2014 व 2019 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मिली सफलता को लेकर कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘भाजपा का मत प्रतिशत लगातार बढ़ रहा है, चाहे वह लद्दाख हो या फिर कश्मीर. लेकिन राजनीतिक पंडित हमें अब भी हिंदी पट्टी के राज्यों की ही पार्टी मानते हैं.’ इस मौके पर नरेंद्र मोदी का यह भी कहना था, ‘राजनीतिक पंडितों को मानना होगा कि चुनावी गुणा-भाग से ऊपर भी एक केमिस्ट्री होती है.’


‘राम का कार्य करना है और वह होकर रहेगा.’  

— मोहन भागवत, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख

मोहन भागवत ने यह बात राजस्थान के उदयपुर में एक कार्यकम के दौरान दिए अपने संबोधन में कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘राम हम सभी के भीतर जीवित हैं. इसलिए यह हमारा काम है और हम इसे स्वयं करेंगे.’ इसके साथ ही उनका यह भी कहना था, ‘यदि हम इस काम की जिम्मेदारी किसी अन्य को सौंपते हैं तो हमें इस पर निगरानी रखनी होगी.’ उनका यह बयान अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से जोड़कर देखा जा रहा है.


‘भारत की आबादी को नियंत्रित करने के लिए सरकार कानून बनाए.’  

— बाबा रामदेव, योग गुरु

बाबा रामदेव ने यह बात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान देश की बढ़ती आबादी पर चिंता जताते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘इस कानून में व्यवस्था हो कि किसी दंपत्ति की तीसरी संतान को वोटिंग और चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं मिलेगा. साथ ही उसे सरकार की तरफ से मिलने वाली सुविधाओं से भी वंचित रखा जाएगा.’ इसके साथ ही उनका यह भी कहना था कि यह व्यवस्था हर धर्म-संप्रदाय के लोगों पर लागू हो. साथ ही भारत की आबादी को किसी हाल में 150 करोड़ से ऊपर नहीं बढ़ने दिया जाए.


‘क्या नरेंद्र मोदी से वोट देने का अधिकार इसलिए नहीं छीन लेना चाहिए क्योंकि वे अपने मां-बाप की तीसरी संतान हैं.’

— असदुद्दीन ओवैसी, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख

असदुद्दीन ओवैसी ने यह बात एक ट्वीट के जरिये बाबा रामदेव के ‘जनसंख्या नियंत्रण’ को लेकर दिए बयान पर पलटवार करते हुए कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘लोगों को असंवैधानिक बातें कहने से रोकने के लिए कोई कानून नहीं है.’ असदुद्दीन आवैसी का यह भी कहना था कि न जाने क्यों लोग बाबा रामदेव द्वारा कही गई अनुचित बातों पर ध्यान देते हैं.