लोकसभा चुनाव 2019 के परिणाम घोषित हुए हफ्ता भी नहीं हुआ है और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2024 के आम चुनाव के लिए लक्ष्य तय कर लिया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी ने अगले लोकसभा चुनाव में 333 सीटें जीतने का टारगेट रखा है. इसके लिए उसने अब दक्षिण के राज्यों पर फोकस करने का फैसला किया है.

हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित खबर के मुताबिक आंध्र प्रदेश और त्रिपुरा में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रभारी सुनील देवधर ने कहा, ‘अगर हमें 333 सीटें जीतनी हैं, तो हमारे संगठन को 2024 के लिए पश्चिम बंगाल से तमिलनाडु तक तैयारी करनी होगी.’ अखबार से बातचीत में देवधर ने कहा कि मिशन 333 तभी पूरा हो सकता है जब भाजपा हिंदी भाषियों की पार्टी होने के तमगे से बाहर निकले. उन्होंने बताया कि बांग्ला में मास्टर्स करने के बाद अब वे तेलुगू सीख रहे हैं. देवधर ने कहा, ‘अगर आप चीजों को अंदर तक जानना चाहते हैं तो आपको भाषा आनी चाहिए.’

खबर के मुताबिक भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि दक्षिण के राज्यों में अपने पैर पसारने के लिए पार्टी खुद को ‘हिंदी भाषी संगठन’ के बजाय नए दल के रूप में पेश करेगी. इसके लिए उसने उन चार राज्यों में अपने संगठन को मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है जहां उसे अन्य राज्यों जितने वोट नहीं मिले.

इस बार के चुनाव में भाजपा ने कर्नाटक की 28 में से 25 और तेलंगाना की 17 में से चार लोकसभा सीटें जीती हैं. लेकिन तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश में वह एक भी सीट नहीं जीत पाई. पार्टी की एक नेता ने कहा कि अगले चुनाव में इन राज्यों में बंगाल जैसा परिणाम प्राप्त करना है जहां भाजपा दो से 18 लोकसभा सीटों पर पहुंच गई है. इस बारे में नेता ने कहा, ‘हम संगठन को मजबूत करेंगे. बूथ स्तर पर पन्ना प्रमुख नियुक्त किए जाएंगे. आरएसएस के साथ मिल कर पार्टी मुद्दों की पहचान करेगी. अब पार्टी गठबंधन पर नहीं केवल अपने पर ध्यान देगी.’