मध्य प्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार पर संकट के लगातार संकेत मिल रहे हैं. सरकार को समर्थन दे रही बहुजन समाज पार्टी की विधायक राम बाई ने साेमवार देर शाम इन्हीं संकेतों में एक कड़ी और जोड़ी. उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी की ओर से उन्हें राज्य ‘सरकार से समर्थन वापस लेने के एवज में 50-60 करोड़ रुपए देने की पेशकश की गई है. साथ में मंत्री पद भी.’

राम बाई ने कहा, ‘वे (भाजपा नेता) हर किसी को इसी तरह की पेशकश कर रहे हैं. लेकिन जो भी उसे कबूल करेगा वह मूर्ख होगा. पैसा ही जीवन में सब कुछ नहीं है, हमें गलत और सही देखना होगा. सच यह है कि भाजपा गलत है. मेरे लिए मंत्री पद और पैसा कोई अहमियत नहीं रखता. कमलनाथ सरकार रहे, यह अहम है.’ राम बाई दमोह के पथरिया विधानसभा क्षेत्र से चुनी गई हैं.

हालांकि इस तरह के दावों पर भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं, ‘हमारी पार्टी ख़रीद-फ़रोख़्त पर यक़ीन नहीं करती. हम ऐसा कुछ नहीं करेंगे. यह सब हमें करना होता तो पहले ही कर चुके हैं. लेकिन कांग्रेस के अंतर्विरोध और जिन्होंने उनको समर्थन दिया है, उन्हीं के अपने कारणों से सरकार के साथ कुछ भी हो सकता है.’

ग़ौरतलब है कि बीते साल के आख़िर में हुए राज्य विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने 230 सदस्यों वाले सदन में 114 सीटें हासिल की थीं. जबकि बहुमत के लिए 116 की ज़रूरत है. तब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने बसपा के दो, समाजवादी पार्टी के एक और निर्दलीयों के समर्थन के बल पर सरकार बनाई थी.