लोक सभा चुनाव में करारी हार का असर अन्य विपक्षी दलों में भी दिख रहा है. बिहार के मुख्य विपक्षी दल आरजेडी (राष्ट्रीय जनता दल) के वरिष्ठ विधायक महेश्वर प्रसाद यादव ने पार्टी प्रमुख तेजस्वी प्रसाद यादव से इस्तीफ़ा मांग लिया है. उन्होंने कहा है कि तेजस्वी को हार की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष का पद छोड़ देना चाहिए.

महेश्वर प्रसाद यादव ने कहा, ‘वे लोग जिनके कंधों पर आरजेडी को जिताने की ज़िम्मेदारी थी, अगर इस हार के बाद नैतिक आधार पर पद नहीं छोड़ते तो पार्टी में विभाजन तय मानिए.’ महेश्वर प्रसाद गैघाट विधानसभा क्षेत्र से आरजेडी के विधायक हैं. चार बार के विधायक महेश्वर प्रसाद लगातार आरजेडी को एक परिवार की जकड़न से बाहर निकालने के लिए भी आवाज़ उठाते रहे हैं.

उन्होंने मीडिया से कहा, ‘मैंने 1997 में भी राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बनाए जाने के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई थी. फिर जब तेजस्वी को पार्टी की कमान सौंपी गई, मैंने तब भी विरोध किया. तब मेरी आवाज़ को सुना नहीं गया. लेकिन अब यह समझना होगा कि लोगों ने परिवारवाद को ख़ारिज़ कर दिया है.’ उन्होंने तेजस्वी को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से सीख लेने की सलाह भी दी.

ग़ाैरतलब है कि बिहार में इस बार के लोक सभा चुनाव में आरजेडी का सूपड़ा साफ हो गया है. उसके नेतृत्व वाले महागठबंधन को राज्य की 40 में से सिर्फ़ एक ही सीट पर जीत मिली है. जबकि 39 सीटें एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के घटक दलों- भारतीय जनता पार्टी, जनता दल-यूनाइटेड और लोक जनशक्ति पार्टी के खाते में गई हैं.