इसी महीने की 30 तारीख को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शामिल होंगी. इस बारे में उन्होंने कहा है, ‘मैंने इसे लेकर दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत की है. यह एक औपचारिक कार्यक्रम है, इसलिए इसमें शामिल होने में कोई हर्ज नहीं है.’

गौरतलब है कि ममता बनर्जी और नरेंद्र मोदी के बीच हाल में संपन्न लोकसभा के चुनाव प्रचार के दौर से आपसी तल्खियां काफी बढ़ गई हैं. इस दौरान नरेंद्र मोदी पर तंज करते हुए उन्होंने उनकी ‘एक्सपायरी डेट’ को करीब बताया था. साथ ही यह कहा था कि वे नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री नहीं मानतीं. उनका ऐसा ही एक बयान बीते दिनों ओडिशा और पश्चिम बंगाल में आए चक्रवाती तूफान फानी के वक्त भी आया था. तब उन्होंने कहा था कि 23 मई के बाद जब देश को नया प्रधानमंत्री मिल जाएगा तभी वे इस तूफान से हुए नुकसान को लेकर केंद्र से बातचीत करेंगी.

इसके अलावा ममता बनर्जी ने एक सभा को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी को ‘लोकतंत्र का थप्पड़’ मारने की बात भी कही थी. उधर, उनके बयानों पर पलटवार करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वे ममता बनर्जी को ‘दीदी’ कहते हैं. ऐसे में उनका थप्पड़ भी उनके लिए आशीर्वाद की तरह होगा. इसके अलावा चेतावनी भरे लहजे में उन्होंने यह भी कहा था कि 23 मई को चुनावी नतीजे आने के बाद ‘दीदी’ की पार्टी के विधायक उनका साथ छोड़ने लगेंगे.

इधर, मंगलवार को प्रधानमंत्री की उस चेतावनी का असर उस वक्त दिखाई दिया जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दो विधायकों सहित 50 से भी ज्यादा पार्षद भाजपा में शामिल हो गए. इस मौके पर भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह शुरुआत है. निकट भविष्य में टीएमसी के कई और नेता टीएमसी छोड़ भाजपा में आएंगे.