तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दो विधायकों सहित 50 से भी ज्यादा पार्षदों ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. भाजपा में शामिल होने वाले इन विधायकों में भाजपा नेता मुकुल रॉय के बेटे शुभ्रांशु रॉय के अलावा तुषारक्रांति भट्टाचार्य शामिल हैं. इनके साथ ही वामपंथी दल सीपीएम के एक विधायक देवेंद्र रॉय ने भी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. इस मौके पर मौजूद भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, ‘‘लोकसभा के चुनाव सात चरणों में संपन्न हुए थे. टीएमसी के नेताओं का भाजपा में शामिल होने का यह पहला चरण है.’

पश्चिम बंगाल : सीपीएम का 150 से अधिक पार्टी कार्यालयों पर फिर से कब्जा

पश्चिम बंगाल में सूपड़ा साफ होने के बावजूद सीपीएम पूरे राज्य में अपने 150 से अधिक पार्टी कार्यालयों पर कब्जा जमाने में सफल रही है. दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी ने इन कार्यालयों पर एक बार फिर लाल झंडा लहरा दिया है. सीपीएम के वरिष्ठ नेता नीलोत्पल बसु ने बताया, ‘भाजपा का आईटी सेल प्रचार कर रहा है कि उसके नेता, कार्यकर्ता और समर्थक सीपीएम को तृणमूल के दखल वाले उसके पार्टी कार्यालयों पर फिर से कब्जा करने में मदद कर रहे हैं. यह सरासर झूठ है. हमने खुद अपने पार्टी कार्यालयों पर कब्जा किया है.’ उन्होंने इसके पीछे की वजह तृणमूल कांग्रेस के कमजोर होने को बताया है. इससे पहले साल 2011 में राज्य की सत्ता पर काबिज होने के बाद ममता बनर्जी की पार्टी ने सीपीएम के दफ्तरों पर कब्जा जमा लिया था.

जिन इलाकों में पानी अधिक खारा नहीं है, वहां आरओ उपकरणों के इस्तेमाल पर रोक लगाया जाए : एनजीटी

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने रिवर्स ओस्मोसिस (आरओ) उपकरणों के इस्तेमाल पर केंद्र सरकार को निर्देश जारी किया है. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक प्राधिकरण ने कहा है कि जिन इलाकों में पानी अधिक खारा नहीं है, वहां आरओ उपकरणों के इस्तेमाल पर रोक लगाया जाए. एनजीटी का कहना है कि 60 फीसदी से अधिक पानी देने वाले आरओ के इस्तेमाल को ही मंजूरी दी जाए. वहीं, प्राधिकरण ने इस बारे में एक नीति बनाने का भी निर्देश दिया है. इसके मुताबिक आरओ से 75 फीसदी पानी मिलने और रिजेक्ट होकर निकलने वाले पानी का इस्तेमाल अन्य कामों जैसे बर्तन और गाड़ी धोना आदि में करने का प्रावधान होना चाहिए. इसके अलावा एनजीटी ने केंद्र से लोगों को मिनरल पानी से सेहत को होने वाले संभावित नुकसानों के बारे में भी बताने को कहा है.

जॉनसन एंड जॉनसन को बाजार से बेबी शैम्पू तत्काल वापस लेने के निर्देश जारी

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीआरपीसी) ने अमेरिकी कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन को बाजार से बेबी शैम्पू तत्काल वापस लेने के निर्देश दिए हैं. अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक आयोग ने यह कदम इस शैम्पू में हानिकारक रसायन मिलने के बाद उठाया है. इससे पहले एनसीआरपीसी ने सभी राज्यों से इस कंपनी के बेबी शैम्पू और पाउडर के नमूनों की जांच करने का निर्देश दिया था. आयोग ने कंपनी से इस निर्देश पर कार्रवाई संबंधी रिपोर्ट 29 मई तक पेश करने को कहा है. वहीं, जॉनसन एंड जॉनसन का कहना है कि राजस्थान की सरकारी प्रयोगशाला में गलती से यह निष्कर्ष निकला कि शैम्पू में हानिकारक रसायन है. कंपनी ने उसके उत्पादों में कोई घातक तत्व मौजूद नहीं होने का दावा किया है.

वीर सावरकर के खिलाफ बोलने वाले नहीं जानते हैं कि वे कितने बड़े देशभक्त थे : लता मंगेशकर

विख्यात गायिका लता मंगेशकर ने मंगलवार को वीर सावरकर की तारीफ करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक उन्होंने ट्वीट कर सावरकर को देशभक्त और स्वाभिमानी बताया. लता मंगेशकर ने उनके जन्मदिन पर कहा, ‘आज स्वांतत्र्य वीर सावरकर जी की जयंती है. मैं उनके व्यक्तित्व को, उनके देशभक्ति को प्रणाम करती हूं.’ इसके आगे उन्होंने कहा, ‘आज कल कुछ लोग वीर सावरकर के खिलाफ बोलते हैं. लेकिन (ऐसे लोग) नहीं जानते हैं कि वे कितने बड़े देशभक्त और गर्वित आत्मा थे.’

ऑस्ट्रेलिया : नल को खुला छोड़ना अपराध की श्रेणी में शामिल

ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स में नल खुला छोड़ने को अपराध की श्रेणी में शामिल किया गया है. हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक यह कदम रिकॉर्ड सूखे की मार को देखते हुए उठाया गया है. अगले हफ्ते लागू नए नियमों के मुताबिक बगीचों में पानी देने के लिए छिड़काव प्रणाली का इस्तेमाल करने पर भी जुर्माना लगाया जाएगा. सिडनी स्थित अधिकारियों की मानें तो इस क्षेत्र के जलाशयों में 1940 के दशक के बाद से जलस्तर लगातार कम हो रहा है.

वहीं, दुनियाभर से प्लास्टिक कचरे का अंबार जमा होने के बाद मलेशिया की सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. मलेशियाई सरकार ने कहा है कि उसके यहां प्लास्टिक कचरा जिन देशों से आएगा, उसे वहां वापस भेजा जाएगा. मलेशिया का कहना है कि वह संपन्न देशों का डम्पिंग ग्राउंड नहीं बनेगा.