प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में किस नेता या सांसद को क्या पद दिया जाएगा यह तय हो गया है. मंगलवार को इस बारे में पांच घंटे चली लंबी बैठक में नई कैबिनेट का खाका तैयार कर लिया गया. इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से यह खबर प्रकाशित की है.

अखबार के मुताबिक बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के साथ भाजपा अध्यक्ष अमित शाह शामिल थे. ये दोनों नेता बीते कुछ दिनों से साथ में हैं. इस दौरान उन्होंने नई सरकार को लेकर काफी बातचीत की है. खबर के मुताबिक नई सरकार में भाजपा अध्यक्ष को मंत्री पद दिए जाने की काफी ज्यादा संभावना है. हालांकि इसे लेकर पार्टी के लोगों की राय बंटी हुई है. कुछ ने शाह के मंत्रिमंडल में जाने का समर्थन किया है. वहीं, कुछ का कहना है कि वे संगठन को छोड़ कर नहीं जाएंगे. भाजपा नेताओं का यह भी कहना है कि अमित शाह ने अपनी भावी भूमिका को लेकर किसी तरह के संकेत नहीं दिए हैं.

उधर, शाह ने नई सरकार के गठन के लिए भाजपा की सभी राज्य इकाइयों और नेताओं से जानकारी और सुझाव मांगे हैं. इस बार पार्टी पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर और तेलंगाना से नए चेहरों को सरकार में जगह दे सकती है. भाजपा सूत्रों की मानें तो पश्चिम बंगाल में भाजपा के बड़े नेता मुकुल रॉय से भी उनकी राय मांगी गई है. वे टीएमसी छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए थे और लोकसभा चुनाव में पार्टी के अच्छे प्रदर्शन में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा. ऐसे में सूत्रों का कहना है कि बंगाल से भाजपा के एक या दो वरिष्ठ नेताओं को टीम मोदी में शामिल किया जा सकता है.

इसके अलावा एनडीए के सहयोगी दलों पर भी सभी की नजर रहेगी. देखना होगा कि शिवसेना, जेडीयू, एलजेपी, अकाली दल और एआईएडीएमके को कैबिनेट में कौन से मंत्रालय दिए जाते हैं. उधर, अमेठी लोकसभा सीट पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को हराने वाले स्मृति ईरानी को अहम पद दिया जा सकता है. वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज को लेकर स्थिति साफ नहीं है. पिछली सरकार में वे विदेशी मंत्री थीं. इस बार में संसद के किसी सदन का हिस्सा नहीं हैं. उन्होंने स्वास्थ्य कारणों के चलते चुनाव नहीं लड़ा था.

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे शपथ ग्रहण समारोह के लिए 30 मई (कल) का दिन मुकर्रर किया गया है. यह कार्यक्रम राष्ट्रपति भवन में आयोजित किया जाएगा. बताया जा रहा है कि इसके लिए 6,000 लोगों को निमंत्रण दिया गया है.