भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) का दो सदस्यीय दल इन दिनाें श्रीलंका की राजधानी कोलंबो पहुंचा हुआ है. एनआईए की टीम यह पता करने की कोशिश कर रही है कि बीते दिनों श्रीलंका में हुए बम धमाकों के पीछे आईएस (इस्लामिक स्टेट) का हाथ तो नहीं है.

ख़बराें के मुताबिक एनआईए ने बीती 29 अप्रैल को रियाज़ अबूबकर नाम के एक संदिग्ध को हिरासत में लिया था. उसे केरल के पलक्कड़ से पकड़ा गया था. वह केरल में विभिन्न पर्यटक स्थलों पर आतंकी हमले की साज़िश में शामिल बताया गया था. कहा गया था कि वह आईएस से जुड़ा हुआ आतंकी है. जांच के दौरान उसका आईएस से संबंध पुख़्ता भी हुआ. उसके अलावा केरल के ही कन्नूर जिले के वलपट्‌टनम से 2017 में पांच अन्य लोगों को भी आईएस से संबंध रखने के आरोप में ग़िरफ़्तार किया गया था.

एनआईए के अनुसार रियाज़ ने पूछताछ के दौरान ख़ुद माना है कि वह भगोड़े आतंकी अब्दुल राशिद अब्दुल्ला उर्फ़ अबू ईसा के संपर्क में था. अब्दुल्ला एक ऑडियो क्लिप में अपने दूसरे साथियों को भारत में अन्य जगहों पर आतंकी हमले के लिए उकसाते हुए सुना गया था. रियाज़ अब्दुल खय्यूम उर्फ़ अबू खालिद के भी संपर्क में था जो इस वक़्त शायद सीरिया में है. सूत्रों के मुताबिक इन तमाम मसलों कुछ कड़ियां श्रीलंका में हुए बम धमाकों से भी जुड़ती हैं. इसीलिए एनआईए की टीम काेलंबो गई हुई है.

ग़ौरतलब है कि श्रीलंका में ईस्टर के मौके पर नौ आत्मघाती आतंकियों ने छह बम धमाके किए थे. श्रीलंका के इतिहास में अब तक के सबसे भीषण इस आतंकी हमले में 250 से अधिक लोग मारे गए थे.