इसी महीने हुए लोकसभा के चुनाव से पहले मध्य प्रदेश में आयकर विभाग की तरफ से की गई छापामारी को लेकर वहां के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है. खबरों के मुताबिक पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि आयकर विभाग ने बीते दिनों जो कार्रवाई की है उस पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है. लेकिन वि​भाग की इस कार्रवाई में जिन आरोपितों को उनका परिचित बताया जा रहा है उन्हें वे नहीं जानते.

इसके साथ ही उन्होंने आयकर विभाग की उस कार्रवाई को राज्य सरकार द्वारा ‘भविष्य में किए जाने वाले खुलासों से लोगों का ध्यान भटकाने’ की कोशिश बताया है. साथ ही यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शासनकाल के दौरान राज्य में जो भ्रष्टाचार और घोटाले हुए उनकी जांच रुकवाने के लिहाज से केंद्र की सत्ताधारी पार्टी ऐसा कर रही है. कमलनाथ ने इसे भाजपा का ‘राजनीतिक खेल’ बताते हुए यह भी कहा कि इसका कोई ‘अंत’ नहीं है.

इससे पहले बीते महीने आयकर विभाग ने मध्य प्रदेश और दिल्ली में अलग-अलग 52 जगहों पर छापामारी की कार्रवाई की थी. उसके बाद केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने उन कार्रवाइयों से 281 करोड़ रुपये के सुनियोजित हवाला रैकेट का पता लगने की बात कही थी. तब माना गया था कि बरामद की गई इस नकदी का इस्तेमाल लोकसभा चुनाव के दौरान होना था. इसके अलावा जिन लोगों के पास वह रकम बरामद हुई थी उन्हें कमलनाथ का करीबी या सहयोगी भी बताया गया था.

इधर, छापामारी की उन कार्रवाइयों को लेकर अब आयकर विभाग मध्य प्रदेश सरकार के कुछ उच्चाधिकारियों और वहां के नेताओं सहित कमलनाथ के कुछ रिश्तेदारों को समन भेजने की तैयारी कर रहा है. दूसरी तरफ उस नकदी का संबंध चूंकि लोकसभा के चुनाव से बताया गया है ऐसे में चुनाव आयोग भी कांग्रेस के कुछ नेताओं को नोटिस जारी करने की तैयारी में है.