लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के हफ्ते भर के भीतर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई वाली पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को दूसरा बड़ा झटका लगा है. खबरों को मुताबिक बुधवार को विधायक मनिरुल इस्लाम ने टीएमसी का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया. उनके अलावा टीएमसी के ही नेता गदाधर हाजरा, मोहम्मद आसिफ इकबाल और निमाई दास भी भाजपा में शामिल हो गए हैं. इन सभी नेताओं ने दिल्ली में पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की.

इधर, भाजपा ने पश्चिम बंगाल के एक मुस्लिम विधायक के अपनी पार्टी में शामिल होने के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ ​सबका विकास और सबका विश्वास’ नारे का असर बताया है. इसके साथ जल्दी ही टीएमसी के छह और विधायकों के भी भाजपा में शामिल होने की बात कही है. भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक टीएमसी के कुछ पूर्व सांसद और कई दूसरे नेता भी भाजपा के संपर्क में हैं और वे भी जल्दी ही भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं.

इससे पहले इसी मंगलवार को टीएमसी के दो विधायकों के अलावा 50 से भी ज्यादा पार्षदों ने भाजपा का दामन थामा था. उस मौके पर वामपंथी दल मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के भी एक नेता भाजपा में शामिल हुए थे. तब कैलाश विजयवर्गीय ने टीएमसी के कई और नेताओं के भाजपा में आने की बात कही थी. उनका यह भी कहना था कि भाजपा चाहती है कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार अपना कार्यकाल पूरा करे, लेकिन टीएमसी के विधायक यदि अपने आप ही उसका साथ छोड़ रहे हैं तो ऐसी स्थिति में भाजपा कुछ नहीं कर सकती.