राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर विपक्षी दलों की राज्य सरकारों को अस्थिर करने और गिराने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. उन्होंने यह बात एक ट्वीट के जरिये कही है. इस ट्वीट में उन्होंने लिखा है, ‘केंद्र की नवनिर्वाचित भाजपा सरकार शपथ ग्रहण समारोह से पहले पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में विपक्ष की सरकारों को गिराने और अस्थिर करने की कोशिश कर रही है.’ इसी ट्वीट के जरिये अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दोबारा यह पद संभालने के लिए बधाई भी दी है.

इससे पहले लोकसभा चुनाव के नतीजों के मद्देनजर भाजपा की मध्य प्रदेश इकाई ने वहां की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल एक चिट्ठी लिखी थी. उसमें भाजपा ने राज्यपाल से राज्य के मुख्यमंत्री कमलनाथ को सदन में बहुमत साबित करने के निर्देश देने का आग्रह किया था. तब कमलनाथ ने सदन में आसानी से बहुमत साबित कर देने की बात कही थी. हालांकि उसके बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान ने उस बात से इनकार किया था. साथ ही कहा था भाजपा ने राज्यपाल को चिट्ठी लिखकर विशेष सत्र बुलवाने की मांग की थी ताकि राज्य में बिजली और किसानों के भुगतान जैसे जरूरी मुद्दों पर चर्चा की जा सके.

उधर, कर्नाटक में लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस और जनता दल सेक्यूलर (जेडीएस) गठंबधन सरकार में फूट के सुर उभरे हैं. वहां इन दोनों पार्टियां का निराशाजनक प्रदर्शन रहा है. उसके मद्देनजर कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी को उनके पिता एचडी देवगौड़ा ने पद छोड़ने की सलाह दी थी. लेकिन कुमारस्वामी ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था.

वहीं लोकसभा के इस चुनाव में भाजपा ने पश्चिम बंगाल की 18 संसदीय सीटों पर कब्जा जमाया है. इसके बाद से पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में नेताओं के पार्टी छोड़ने का सिलसिला शुरू हो गया है. बीते मंगलवार को टीएमसी के दो विधायकों सहित 60 पार्षद भाजपा में शामिल हुए थे तो वहीं बुधवार को भी एक मुस्लिम विधायक सहित कई दूसरे नेताओं ने भाजपा का दामन थामा था. इस दौरान भाजपा में टीएमसी के कई अन्य नेताओं और पूर्व सांसदों के भी भाजपा में शामिल होने की बात कही है.