प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने मालदीव की यात्रा करेंगे. प्रधानमंत्री के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल की वह उनकी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा भी होगी. इस यात्रा के दौरान नरेंद्र मोदी मालदीव की संसद में भी अपना संबोधन देंगे. स्क्रोल डॉट इन के मुताबिक इस संबंध में इसी बुधवार को मालदीव की संसद में एक प्रस्ताव रखा गया था जिसका वहां के सभी सांसदों ने समर्थन किया था.

इस दौरान मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति और वहां की संसद के नव-निर्वाचित सभापति मोहम्मद नशीद ने कहा है कि नरेंद्र मोदी का स्वागत करना उनके लिए ‘गर्व’ की बात होगी. उन्होंने आगे कहा, ‘मालदीव भारत के साथ नजदीकी रिश्ते चाहता है. यह दोनों देशों के साथ हिंद महासागर क्षेत्र की स्थिरता के लिए आवश्यक भी है.’

इससे पहले नरेंद्र मोदी बीते साल 17 नवंबर को भी मालदीव की आधिकारिक यात्रा पर गए थे. तब उन्होंने राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सालेह के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत की थी. उस मौके पर दोनों देशों के नेताओं ने आपसी संबंधों में और प्रगाढ़ता लाने के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में मिल-जुलकर काम करने की इच्छा भी जताई थी. तब इब्राहिम मोहम्मद सालेह ने नरेंद्र मोदी को मालदीव की तरफ से ‘इंडिया फर्स्ट’ की नीति के अनुसरण भरोसा दिलाया था. इधर, नरेंद्र मोदी की आगामी मालदीव यात्रा को भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ की नीति के तौर पर देखा जा रहा है.