तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से नफरत करती हैं. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि टीएमसी के लोगों ने भाजपा के किसी कार्यकर्ता की हत्या नहीं की. खबरों के मुताबिक ममता बनर्जी ने गुरुवार को भाजपा के ‘आरोपों’ के विरोध में राज्य के 24 परगना जिले के नैहाटी में धरना दिया और उसी दौरान ये बातें भी कहीं.

इससे पहले बीते लोकसभा चुनाव के बीच हुई हिंसा के दौरान इसी बुधवार को भाजपा ने अपने 54 कार्यकर्ताओं की ‘राजनीतिक हत्या’ किए जाने का दावा किया था. भाजपा के उस दावे पर बुधवार को ही प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी ने उसे गलत ठहराया था. साथ ही राजनीतिक हत्याओं की बात नकारते हुए उन लोगों के आपसी या फिर पारिवारिक रंजिश की वजह से मारे जाने की संभावना भी जताई थी.

इधर, गुरुवार को ममता बनर्जी ने कहा, ‘मैंने हिंदू और मुसलमान में कभी कोई फर्क नहीं किया है. लोकसभा चुनाव के दौरान राज्य की कानून-व्यवस्था प्रदेश सरकार के बजाय चुनाव आयोग के पास थी. भाजपा ने ही कुछ अपराधियों के बल पर चुनाव के दौरान हिंसा का माहौल बनाया था.’ उन्होंने यह भी कहा, ‘आज जब मैं धरना स्थल पर आ रही थी तो उस दौरान कुछ लोगों ने मुझ पर हमला करने की कोशिश की थी. मैं समझती हूं कि प्रदेश पुलिस इस पर आवश्यक कार्रवाई करेगी.’

इस मौके पर उन्होंने टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हो रहे नेताओं को लेकर भी प्रतिक्रिया जाहिर की. पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को ‘कचरा’ बताते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि वे इसकी परवाह नहीं करतीं. उनके मुताबिक, ‘भाजपा अगर सोचती है कि हमारे कुछ नेताओं को अपने साथ मिलाकर वह राज्य का आगामी विधानसभा चुनाव जीत लेगी तो यह उसका भ्रम है.’

उन्होंने आगे कहा, ‘हम बंगाल की संस्कृति पर ​भरोसा करते हैं. हमारा जय बांग्ला और जय हिंद के नारे में विश्वास है. नेताजी सुभाष चंद्र बोस भी इसी में विश्वास करते थे. इसके साथ ही ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि वे पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के बढ़ते प्रभाव को रोकने का उपाय भी करेंगी. इसके लिए राज्य के हर ब्लॉक में ‘जय हिंद वाहिनी’ और ‘बंग जननी वाहिनी’ नाम से संगठन की इकाइयां बनाई जाएंगी.