नरेंद्र मोदी ने लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली है. गुरुवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में आयोजित एक समारोह में उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. नरेंद्र मोदी के शपथ लेने के बाद 24 कैबिनेट मंत्रियों और नौ राज्य मंत्रियों ने भी शपथ ली है. कैबिनेट मंत्रियों में राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, सदानंद गौड़ा, निर्मला सीतारमण और राम विलास पासवान शामिल हैं. वहीं, इस मंत्रिपरिषद में पूर्व केंद्रीय मंत्री- मेनका गांधी, सुरेश प्रभु, राज्यवर्द्धन सिंह राठौर और जेपी नड्डा को शामिल नहीं किया गया है.

मध्य प्रदेश : पबजी में हार के बाद हार्ट अटैक से 16 वर्षीय छात्र की मौत

मध्य प्रदेश के नीमच में मोबाइल पर छह घंटे ऑनलाइन वीडियो गेम पबजी खेलते हुए हृदयाघात या हार्ट अटैक की वजह से एक 16 वर्षीय छात्र की मौत हो गई. मृतक फुरकान कुरैशी 12वीं कक्षा का छात्र था. द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक फुरकान की बहन ने बताया, ‘उसने अचानक चिल्लाना शुरू कर दिया- ब्लास्ट करो, ब्लास्ट करो. इसके बाद उसने ईयरफोन निकाल लिया, फोन फेंक दिया और चिल्लाना शुरू कर दिया, अयान तूने मुझे हरवा दिया तुझे खेलना नहीं आता अब मैं तेरे साथ नहीं खेलूंगा, वो देख उसने मुझे मार दिया, ब्लास्ट हो गया.’ बताया जाता है कि इसके बाद वह फर्श पर गिर गया. वहीं, अस्पताल में उसकी जांच करने वाले डॉक्टर अशोक जैन ने उसकी मौत की वजह इस गेम को लेकर फुरकान की उत्तेजना को बताया है.

सुप्रीम कोर्ट ने एनआरसी दावों के निपटान प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने का आदेश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनसीआर) में नाम दर्ज करने की प्रक्रिया में गड़बड़ियों पर चिंता जाहिर की है. अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक शीर्ष अदालत ने गुरुवार को उन मीडिया रिपोर्टों पर निराशा जाहिर की है, जिनमें एक पूर्व सैन्य अधिकारी को विदेशी घोषित कर हिरासत में लिए जाने का ब्योरा दिया गया था. बताया जाता है कि संबंधित सैन्य अधिकारी राष्ट्रपति पदक विजेता है. वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने एनआरसी समन्वयक प्रतीक हाजेला को दावों के निपटान प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए जाने का आदेश दिया है. साथ ही, मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने हाजेला से कहा है कि यदि उनके ऊपर किसी भी तरह का दबाव बनाया जाता है या कोई कठिनाई होती है तो तत्काल सुप्रीम कोर्ट के महासचिव से संपर्क करें.

उत्तर प्रदेश : यूपीपीएससी की परीक्षा नियंत्रक गिरफ्तार, पीसीएस-2018 मुख्य परीक्षा स्थगित

उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने पीसीएस-2018 की मुख्य परीक्षा स्थगित कर दी है. इसकी प्रमुख वजह एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में एसटीएफ की कार्रवाई और परीक्षा नियंत्रक का गिरफ्तार होना है. दैनिक जागरण के मुताबिक पीसीएस मुख्य परीक्षा का प्रश्नपत्र छापने का टेंडर भी उसी प्रेस को दिया गया जिसके खिलाफ एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के मामले में विशेष जांच दल (एसटीएफ) को शिकायत मिली थी. बताया जाता है कि इस परीक्षा की नई तारीख पर अभी फैसला नहीं हो पाया है. इससे पहले यह परीक्षा 17 जून से होनी थी. वहीं, एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में आयोग की परीक्षा नियंत्रक अंजू लता कटियार को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही, एसटीएफ और क्राइम ब्रांच इस मामले में अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कई जिलों में छापामारी कर रही है.

बाहर से आकर मेरा खाएगा, मेरा पहनेगा और मुझे ही गाली देगा. ऐसा मैं बर्दाश्त नहीं करूंगी : ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर ‘जय श्रीराम’ के नारे पर नाराज दिखीं. राजस्थान पत्रिका की खबर के मुताबिक उत्तर परगना में उनके काफिले के सामने कुछ लोगों ने यह नारा लगाया. इसके बाद ममता बनर्जी ने नारे लगाने वालों पर बरसते हुए कहा, ‘बाहर से आकर मेरा खाएगा, मेरा पहनेगा और मुझे ही गाली देगा. ऐसा मैं बर्दाश्त नहीं करूंगी.’ इसके बाद उन्होंने कहा कि भाजपा से उन्हें सख्त नफरत है. तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने सूबे में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के उभार को रोकने के लिए प्रत्येक ब्लॉक में जय हिंद वाहिनी और बंग जननी वाहिनी बनाने का एलान किया है. इसके अलावा ‘जय श्रीराम’ नारे के मुकाबले के लिए ममता बनर्जी ने ‘जय बांग्ला-जय हिंदी’ का नारा दिया.

सरकार की मौजूदा अग्निशमन और सुरक्षा नीति मूर्खतापूर्ण : दिल्ली हाई कोर्ट

दिल्ली हाई कोर्ट ने सरकार की मौजूदा अग्निशमन और सुरक्षा नीति को मूर्खतापूर्ण करार दिया है. हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक मौजूदा नीति के तहत किसी रेस्तरां में 50 से कम लोगों के बैठने की क्षमता होने पर अग्निसुरक्षा की मंजूरी की जरूरत नहीं होती है. न्यायाधीश विभू बाखरू ने आग लगने की घटनाओं के लिए दिल्ली सरकार की इस नीति को ही जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि रेस्तरां में लोगों के बैठने की क्षमता के बजाय इमारत के अनुसार अग्निसुरक्षा की मंजूरी लेने का प्रावधान होना चाहिए. वहीं, दिल्ली में संचालित हजारों कोचिंग संस्थानों में आग से सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग पर हाई कोर्ट ने सरकार, पुलिस और अग्निशमन विभाग को नोटिस जारी किया है. अदालत ने इनसे पूछा है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर चल रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है.