प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूसरी सरकार से जिन लोगों को बाहर रखा गया है उनमें एक अहम नाम राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का भी है. राजस्थान की जयपुर ग्रामीण संसदीय सीट से लगातार दूसरी बार (2014 और 2019) लोक सभा के लिए चुने गए राज्यवर्धन सिंह के बारे में अब ख़बर आ रही है कि उन्हें भारतीय जनता पार्टी की राज्य इकाई में अहम पद दिया जा सकता है.

भारतीय सेना से सेवानिवृत्त कर्नल और ओलंपिक में निशानेबाजी में रजत पदक जीतने वाले राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के बारे में अटकलें हैं कि उन्हें राजस्थान भाजपा का अध्यक्ष बनाया जा सकता है. राज्य इकाई की कमान फिलहाल मदनलाल सैनी के हाथ में हैं, लेकिन उन्हें 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से समझौते के तहत प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था. ख़बराें की मानें तो उस वक़्त भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व गजेंद्र सिंह शेखावत को प्रदेश अध्यक्ष बनाना चाहता था. लेकिन वसुंधरा उनके नाम पर तैयार नहीं हुईं. इसलिए सैनी का नाम आगे आया.

हालांकि अब 2018 के विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद वसुंधरा तुलनात्मक रूप से कमज़ोर हुई हैं. वहीं गजेंद्र सिंह शेखावत केंद्र में मंत्री बन चुके हैं. इसीलिए राज्यवर्धन सिंह को प्रदेश अध्यक्ष का मज़बूत दावेदार माना जा रहा है. सेना की पृष्ठभूमि, पूर्व ओलंपियन होने के साथ-साथ वे युवा भी हैं. इसलिए पार्टी में अधिकांश स्तरों पर यह माना जा रहा है कि वे ख़ास तौर पर युवाओं के बीच मज़बूत पकड़ बना सकते हैं. उन्होंने 2013 में सेना से सेवानिवृत्ति लेकर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली थी. पिछली मोदी सरकार में वे सूचना-प्रसारण राज्य मंत्री थे.