अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) का कहना है कि ईरान अभी भी 2015 के परमाणु समझौते के दायरे में रहकर काम कर रहा है. शुक्रवार को आईएईए की एक ताजा रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. इस रिपोर्ट के अनुसार पिछले कुछ समय के दौरान ईरान की परमाणु सामग्री का भंडार बढ़ा है, लेकिन वह अब भी 2015 के समझौते की सीमा में ही है. साल 2015 में यह परमाणु समझौता ईरान और छह विश्व शक्तियों के बीच हुआ था.

पीटीआई के मुताबिक इस रिपोर्ट में कहा गया है, ‘इस महीने की शुरूआत में ईरान ने समझौता न मानने की घोषणा थी. इसके बाद उसने संवर्द्धधित यूरेनियम और भारी जल का भंडार बढ़ाया है, लेकिन बढ़ोत्तरी के बावजूद यह 2015 के समझौते के दायरे में ही है.’ आईएईए के मुताबिक बीती फरवरी में ईरान के पास संवर्द्धधित यूरेनियम 163.8 किग्रा था. जो बीते 20 मई को 174.1 किग्रा हो गया. लेकिन, फिर भी यह मात्रा समझौते की तय मात्रा (300 किग्रा) की सीमा के अंदर है.

बीते साल अमेरिका ने 2015 में हुए ईरान परमाणु समझौते से खुद को अलग कर लिया था. इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उस पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए थे जिसका मकसद उस पर दबाव बनाना था. लेकिन, ईरान के न झुकने के बाद बीते अप्रैल में अमेरिका ने उसके खिलाफ एक के बाद एक कई और बड़े फैसले लिए. अमेरिका के इन फैसलों के बाद इसी महीने की शुरुआत में ईरान ने परमाणु समझौते के तहत यूरेनियम और भारी जल के भंडारण पर लगे प्रतिबंध को न मानने की घोषणा कर दी. उसका कहना था कि अब वह 130 टन भारी जल और 300 किलोग्राम यूरेनियम के भंडारण की सीमा को नहीं मानेगा.