सोनिया गांधी एक बार फिर कांग्रेस संसदीय दल की नेता चुनी गई हैं. आज संसद के केंद्रीय कक्ष में कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की बैठक हुई जिसमें यह फैसला हुआ. कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट कर यह जानकारी दी. उनके मुताबिक सोनिया गांधी ने उन 12.13 करोड़ वोटरों का धन्यवाद किया है जिन्होंने कांग्रेस पार्टी पर विश्वास जताया.

कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद थे. इस दौरान राहुल गांधी ने अपने तेवर साफ कर दिए. उन्होंने कहा, हम 52 सांसद हैं. मैं गारंटी देता हूं कि ये 52 सांसद बीजेपी से हर इंच पर लड़ेंगे. हम बीजेपी को हर दिन नचाने के लिए काफी हैं.’ आगे उनका कहना था कि वक्त आत्मनिरीक्षण और कायाकल्प करने का है.

बीती 25 मई को हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद यह पहली आधिकारिक बैठक थी जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने हिस्सा लिया. उस बैठक में राहुल ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी लेकिन कांग्रेस कार्यसमिति ने इसे खारिज कर दिया था. उसने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर राहुल गांधी को पार्टी के हर स्तर पर ढांचागत बदलाव लाने के लिए अधिकृत भी किया था.

लोकसभा चुनावों में करारी हार के बाद कांग्रेस के अंदर उथल-पुथल मची है. पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी इस्तीफा देने की बात पर अड़े हैं. उधर, पार्टी के वरिष्ठ नेता उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं. कांग्रेस की मुश्किल यह भी है कि लोकसभा में उसके सिर्फ 52 सांसद हैं. विपक्ष का दर्जा पाने के लिए एक पार्टी के पास कम से कम 55 सांसद होने जरूरी हैं.