गर्मी के लिहाज से 31 मई यानी कल का दिन इस सीजन के सबसे गर्म दिन के तौर पर दर्ज किया गया. खबरों के मुताबिक दिल्ली के विभिन्न इलाकों में तापमान जहां 46 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर पहुंच गया तो वहीं राजस्थान के श्रीगंगानगर में यह 49.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इस बीच उत्तर भारत के कई दूसरे इलाकों में भी तामपान 45 डिग्री सेल्सियस के ईर्द-गिर्द ही देखा गया.

उत्तर प्रदेश के बांदा में जहां तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस रहा तो प्रयाग राज में बीते 25 साल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए यह 48.5 डिग्री पर पहुंच गया. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का तापमान 44.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया. वहीं राज्य के ही रीवा में पारा 47 डिग्री तक पहुंचा. गर्म हवाओं के कहर से पंजाब और हरियाणा भी अछूते नहीं रह सके. पंजाब के बठिंडा के लिए शुक्रवार का दिन सबसे गर्म रहा. वहां का तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा जबकि चंडीगढ़ में पारा 44.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा जो सामान्य से पांच डिग्री अधिक था.

इस बीच भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने अगले 72 घंटे तक गर्मी और लू (गर्म हवा) से कोई राहत नहीं मिलने का अनुमान जताया है. साथ ही यह भी कहा है कि इस दौरान तापमान में और बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है. आईएमडी के निदेशक सुरेंद्र पाल के मुताबिक तीन या चार जून को हवा के दिशा बदलने से तामपान में दो से तीन डिग्री तक की गिरावट आ सकती है.

इधर, आसमान से बरसती आग और लू को देखते हुए आईएमडी ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलावा विदर्भ के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. मौसम की स्थिति बताने के लिहाज से आईएमडी अलग-अलग रंगों के अलर्ट जारी करता है. इसमें ग्रीन, ऑरेंज, येलो और रेड कलर (रंग) के अलर्ट शामिल हैं. रेड अलर्ट को सबसे खतरनाक माना जाता है.

रेड अलर्ट जारी किए जाने के पीछे आईएमडी के मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर एम महापात्रा ने उत्तर-पश्चिम की शुष्क हवाओं को जिम्मेदार बताया है. साथ ही यह भी कहा है कि अगले कुछ दिन तक बारिश होने के भी कोई असार नहीं हैं. ऐसे में लोगों का धूप में कम से कम निकलना ही बेहतर रहेगा. इसके अलावा आईएमडी ने जिन इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है वहां भी लोगों को दिन के समय बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है.