‘भारतीय जनता पार्टी के लोगों को मुसलमानों में आतंकवादी ही नजर आते हैं.’  

— असदुद्दीन ओवैसी, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख

असदुद्दीन ओवैसी ने यह बात केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किशन रेड्डी के एक बयान पर पटलवार करते हुए कही है. इसके साथ ही उन्होंने उनके उस बयान को आपत्तिजनक और अशोभनीय भी बताया. इससे पहले रेड्डी ने कहा था कि देश में जहां कहीं भी आतंकवाद की घटनाएं होती हैं उसकी जड़ें हैदराबाद से जुड़ती हैं.

‘केंद्र की मोदी सरकार अंग्रेजों की सत्ता जैसी है, इसलिए देश का कोई संस्थान कांग्रेस का समर्थन नहीं करेगा.’  

— राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष

राहुल गांधी ने यह बात कांग्रेस की संसदीय दल की बैठक के दौरान दिए अपने संबोधन में कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘जब देश में अंग्रेजों की सत्ता थी तो उस वक्त भी कांग्रेस ने लड़ाई लड़कर जीत हासिल की थी. हम एक बार फिर लड़कर जीत हासिल करेंगे.’ इसके साथ ही राहुल गांधी का यह भी कहना था, ‘कांग्रेस पार्टी किसी हाल में भारतीय जनता पार्टी को वॉकओवर देने वाली नहीं है. हमारे 52 सांसद इंच-इंच के लिए लड़ाई लड़ेंगे.’

‘सेक्युलेरिज्म के सियासी सूरमाओं ने मुसलमानों को किराएदार बनाकर रखा था, उन्हें कभी हिस्सेदार नहीं बनाया.’    

— मुख्तार अब्बास नकवी, केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री

मुख्तार अब्बास नकवी ने यह बात असदुद्दीन ओवैसी के एक बयान पर पलटवार करते हुए कही है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘मोदी जी ने देश के 130 करोड़ लोगों को देश के विकास में हिस्सेदार बनाया है.’ मुख्तार अब्बास नकवी ने आगे कहा, ‘कुछ लोग सिर्फ अपनी रोजी-रोटी के लिए अनावश्यक बातें करते हैं.’ इससे पहले बीते शुक्रवार को ओवैसी ने मुसलमानों को देश में ‘किरायेदार नहीं बल्कि बराबर का हिस्सेदार’ बताया था.


‘लोकसभा में पर्याप्त संख्याबल कम होने की वजह से हम नेता प्रतिपक्ष की मांग नहीं करेंगे.’  

— रणदीप सिंह सुरजेवाला, कांग्रेस के प्रवक्ता

रणदीप सिंह सुरजेवाला ने यह बात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘यह सामान्य व्यवस्था है कि सदन में कुल सांसदों के दस फीसदी का संख्याबल होने पर ही किसी दल को विपक्षी पार्टी का दर्जा मिलता है. यह दर्जा पाने के लिए कांग्रेस के पास दो सीटें कम हैं.’ इसके साथ ही रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आगे कहा, ‘यह काफी हद तक सरकार पर निर्भर करेगा कि संख्या बल कम होने के बावजूद वह कांग्रेस को विपक्षी पार्टी का दर्जा देना चाहेगी या नहीं.’


‘किसी राज्य पर कोई भाषा थोपी नहीं जाएगी.’  

— रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री

रमेश पोखरियाल निशंक का यह बयान नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के प्रस्तावों पर तमिलनाडु के नेताओं की तरफ से जताई गई आपत्ति को लेकर आया है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘एनईपी को लेकर मुझे डॉक्टर कस्तूरीरंजन समिति की रिपोर्ट का ड्राफ्ट मिला है. इस नीति को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है.’ इससे पहले शनिवार को ही तमिलनाडु के कई नेताओं ने एनईपी के प्रस्तावों पर विरोध जाहिर किया था. साथ ही द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके), पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) सहित मक्कल निधि मय्यम (एमकेएम) के नेता कमल हासन ने हिंदी भाषा को तमिलनाडु पर ‘थोपने’ जैसा बताया था.’